जोकीहाट – बिहार फिर थर्राया मॉब लिंचिंग से

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बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी, अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन “श्री मिन्नत रहमानी” ने तुरंत वास्तुस्तिथि से अवगत होकर पीड़ित को इन्साफ दिलाने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल गठित कर मिलने भेजा है

जोकीहाट-मोब लींगचिंग-मिन्नत-रहमानी
जोकीहाट मॉब लिंचिंग मामले में बिहार कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की पहल

आरोपी पर पहले भी लिंचिंग का मामला हुआ था दर्ज , आरोपी के पक्ष में पुलिस का बयान, मृतक को ठहराया दोषी

अररिया (मेराज खालिद)

बिहार के अररिया में कुछ दिन पहले मॉब लिंचिंग की घटना को अंजाम दिया गया. जिसमें जोकीहाट थाना क्षेत्र की चकई पंचायत में चोरी के आरोप में लोगों ने इस्माइल नाम के युवक को बुरी तरह पीट डाला, जिससे उसकी मौत हो गई.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि उनके हाथ और पैर की नसें काट दी गई थीं. जबकि परिवार का कहना है कि सड़क बनाने में हुए विवाद के कारण इस्माइल की हत्या कर दी गई. लेकिन हैरानी की बात ये है कि पुलिस का भी रुख इस मामले में हत्या करने वालों के पक्ष में ही नजर आ रहा है.

इस मोबलिंचिंग  के संबंध में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी, अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन श्री मिलत रहमानी जो ने पत्र लिखकर बताया की अररिया जिले के जोकीहाट चकई में शनिवार की रात घर में एक युवक मोहम्मद इस्माइल को कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर देने की खबर आई है

मृतक मोहम्मद इस्माइल महलगांव थाना क्षेत्र के बलुआ टपरा टोली का निवासी था उक्त घटना पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन श्री इमरान प्रतापगढ़ी जी ने गहरी पीड़ा व्यक्त की है उनके निर्देश पर बिहार कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार के परिजन से मिलकर वस्तु स्थिति से अवगत कराएंगे जिससे कि उस परिवार को न्याय दिलाने में अल्पसंख्यक विभाग हर संभव मदद कर सके प्रतिनिधि मंडल में निम्नलिखित पदाधिकारी गण में मासूम रजा संयोजक, अमजद अली, मोहम्मद अलीमुद्दीन, साबिर आलम, विक्रम यादव सत्येंद्र कुमार राम हैं

मौके पर जोकीहाट विधायक शाहनवाज़ आलम ने पहूंच कर घटना की जानकारी ली और एसडीपीओ पुष्कर कुमार को पूरे मामले की जानकारी दी और शीघ्र न्याय की मांग की  शाहनवाज़ आलम और जन अधिकार पार्टी के जिला अध्यक्ष इम्तियाज अनीस लड्डू ने परिवार की आर्थिक सहायता भी की। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और इमारत ए शरिया ने क़ानूनी मदद की बात कही

इस लिंचिंग मामले में एक नामजद आरोपी का नाम पहले भी ऐसे ही एक मामले में सामने आ चुका है. जब अयूब नाम के एक बुजुर्ग की पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी. लेकिन आरोपी को लेकर जोकीहाट थाना के थाना प्रभारी की अपनी व्यक्तिगत राय है. उनका कहना है कि आरोपी को उस वक्त भी फंसाया गया था और अब भी फंसाया जा रहा है.

इस लिंचिंग की घटना का शिकार हुए इस्माइल के पिता मोहम्मद शोएब ने बताया कि शनिवार को मैं अपनी बेटी के घर चला गया था. जबकि इस्माइल की पत्नी तीन बच्चों को लेकर अपने मायके गई हुई थी. मुझे रविवार को खबर मिली कि मेरे बेटे की मौत हो गई है.

शनिवार की शाम मेरा बेटा रोज की तरह घर से कुछ ही दूर चकई पंचायत के यादव टोला से दूध लेकर अपने घर आया. चूंकि मेरा बेटा इलेक्ट्रिशियन है इसलिए यादव टोला से दो लोग लगभग नौ से दस बजे के बीच बिजली के काम से इस्माइल को बुलाकर ले गए. जहां इस्माइल पर चोरी का आरोप लगाकर बेरहमी से मारा गया.

इस्माइल के पिता से जब पूछा गया कि क्या उनके बेटे का उस इलाके में कोई विवाद था? इस सवाल का जवाब देते हुए मोहम्मद शोएब ने बताया कि, “दरअसल मेरे टोला में आने के लिए एक कच्ची सड़क है जिसका कुछ हिस्सा यादव की जमीन का है.

बारिश में सड़क खराब हो जाती है. आना जाना मुश्किल हो जाता है. इसलिए एक महीने पहले मेरा बेटा सड़क ठीक करने लगा. इस पर रुपेश यादव ने सड़क बनाने से रोका और भला बुरा कहने लगे. हमने कहा भी कि सड़क ठीक हो जाएगी तो सभी गांव वालों को चलने में आसानी होगी. छोटे विवाद के बाद मामला खत्म हो गया था. लेकिन उस दिन मेरे बेटे को लेकर मुझे धमकी दी गई थी. यही कारण है कि मेरे बेटे को मार दिया गया.”

पिता मोहम्मद शोएब ने आरोप लगाते हुए कहा कि, “FIR में मेरे बेटे को मारने वालों में पहले नंबर पर आरोपी सस्तानंद यादव का नाम है. वो एक साल पहले झाड़-फूंक करने वाले अयूब की पीट-पीटकर हुई हत्या का भी आरोपी था. लेकिन पुलिस की मदद से बच निकला.” उन्होंने कहा कि, अगर तभी उसके खिलाफ कार्रवाई हो जाती तो ऐसा करने वालों में खौफ होता और मेरे बेटे के हत्या की नौबत नहीं आती. अब मुझे इंसाफ चाहिए, मुझे कोई बताए कि मेरे 30 साल के बेटे इस्माइल की पत्नी और तीन बच्चों का परिवार कैसे चलेगा?”

मृतक इस्माइल के पड़ोसी मोहम्मद हबीब ने पिछली लिंचिंग की घटना की जानकारी देते हुए बताया कि,

“अयूब नाम का बुज़ुर्ग जो झाड़फूंक करता था उसे एक यादव महिला ने अपने घर झाड़-फूंक के लिए बुलाया था. जहां अयूब पर महिला के साथ गलत हरकत करने का आरोप लगाकर लोगों ने बुरी तरह पीटा था. एक हफ्ते बाद मौत हो गई. महिला अभी जेल में है, लेकिन ज्यादातर आरोपी रिहा हो गए. इन आरोपियों में से एक सस्तानंद यादव भी है जिस पर इस्माइल की लिंचिंग का आरोप है.”

इस घटना को लेकर चकई पंचायत के सरपंच मोहम्मद सऊद ने बताया कि “सुबह 6 बजे मुझे रुपेश यादव का फोन आया, उसने बताया कि इस्माइल को बांधकर रखा है, जो रात में चोरी करने आया था. जब मैं वहां गया तो देखा कि इसमाइल जमीन पर अधमरी हालत में पड़ा था और उसके आसपास खून फैला हुआ था.

मैंने रुपेश से कहा कि जब आपने इसको पकड़ा तो मुझे फौरन बुलाना चाहिए था, साथ ही थाना को सूचित करना चाहिए. इसे आपने इतना मार दिया है कि इसकी हालत काफी खराब है ये मर जाएगा. इसे फौरन अस्पताल ले जाइए. इसके बाद दो लोग इस्माइल को बाइक से 10 किलोमीटर दूर जोकीहाट अस्पताल ले गए. वहीं उसकी मौत हो गई. इस्माइल की कुछ रंजिश यादव टोला से थी, ज्यादा मुझे पता नहीं है.

इस्माइल की हत्या के मामले में कुल 18 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर हुई है, जिनमें से सिर्फ 2 लोग पुलिस की गिरफ्त में हैं. बाकी किसी को पकड़ा नहीं गया है. इस मामले को लेकर जब हमने पुलिस का पक्ष जानना चाहा तो, बातचीत में ऐसा लगा कि पुलिस पहले से ही मान चुकी है कि मृतक की दोषी था.

जोकीहाट थाना के SHO विकास कुमार आजाद ने घटना को लेकर बताया कि “इस्माइल चोरी कर भागने के बाद पकड़ा गया. वह चोर किस्म का था.” SHO के इस बयान पर जब हमने पूछा कि क्या उसके खिलाफ चोरी के मामले दर्ज हैं? इस सवाल पर SHO ने जवाब दिया कि,

“थाने में कोई केस दर्ज नहीं हुआ लेकिन पूरा गांव कहता है कि ये चोर था. रही बात अयूब मामले की तो वह झाड़-फूंक करने एक महिला के घर गया. तभी वो महिला के साथ बदतमीजी करने लगा, महिला के शोर मचाने पर परिजनों ने मारा पीटा. अयूब को चोट नहीं थी वो तो इलाज के दौरान मर गया था.

उस समय वार्ड सदस्य सस्तानंद यादव भी महिला की आवाज सुनकर उसे बचाने गए थे. फिर भी लोगों ने उनका नाम दे दिया था, जो जांच में बरी हो गए. यहां राजनीति काफी ज्यादा है, लोग अच्छे भले इंसान को फंसाने की जुगत में रहते हैं कि वो फंस जाए ताकि चुनाव न लड़ सके.”

एसएचओ विकास कुमार से बातचीत के बात ऐसा लगा कि वो जांच से पहले ही सब कुछ खुद ही तय कर चुके हैं. साथ ही मृतक के प्रति उनकी संवेदना शून्य के बराबर है. जब हमने पूछा कि, सस्तानंद यादव पर लिंचिंग का दोबारा आरोप लगा है, उन्हें लेकर एक बार फिर से जांच क्यों नहीं होनी चाहिए? इस सवाल पर SHO ने कहा कि,

आरोप लगाने से क्या होता है. सस्तानंद यादव का घर बहुत दूर है, फिर भी इनका नाम दे दिया गया है. रही बात इस्माइल की तो, वो कैसे मर गया समझ में नहीं आ रहा है. इसका माथा-ओथा नहीं फटा फिर भी कैसे मर गया. लोग कह रहे हैं कि उसकी नस कटी है जो गलत है. बोलने के लिए सब बोल देते हैं, सच तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आ ही जाएगा. रही बात जांच की तो वो वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार की जाएगी.

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