महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होनेवाले अपराध को रोकने पर चर्चा

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(फुलवारी शरीफ)

महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराध के मामलों को ध्यान में रखते हुए दो दिवसीय कार्यक्रम  38 जिलों से, 70 से ज्यादा बिहार पुलिस के अफसर बिहार पुलिस के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसे आंगन ट्रस्ट के द्वारा फैसिलिटेट किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होनेवाले अपराध को रोकने के लिए आघात-सूचित प्रतिक्रिया के विषय पर आधारित है। यह प्रशिक्षण इस बात पर केंद्रित है कि हिंसा पीड़ित व्यक्तियों के आघात की व्यापकता, कानूनी कारवाइयों में पड़नेवाले इसके प्रभाव और पुलिस की प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए व्यावहारिक दृष्टिकोण के बारे में पुलिस कर्मचारियों की सही समझ होने से पीड़ित-पीड़िता पर इसका कितना अधिक असर हो सकता है। साथ ही, इससे भविष्य में हिंसा की घटनाओं के रोकथाम में मदद मिलती है। इसका उद्घाटन एडीजी-सीआईडी विनय कुमार के द्वारा हुआ और इस प्रशिक्षण में एसपी बिना कुमारी भी शामिल हुए। उन्होंने बताया कि आघात की समझ और उसपर उचित कारवाई पुलिस तंत्र के लिए कितना महत्वपूर्ण है।

      इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस कर्मचारियों को उस स्थिति से निपटने के लिए अधिक योग्य एवं कुशल बनाने की दिशा में मदद करना था जिसमें उनका सामना क्षतिग्रस्त पीड़ितध्पीड़िता से होता है और जब उन्हें उन जटिल निर्णयों को लेना होता है जो पीड़ित-पीड़िता के पूरे जीवन और जाँच को भी प्रभावित कर सकते हैं।

      प्रशिक्षण में आघात और विभिन्न लोगों द्वारा इसे लेकर किए जानेवाले अनुभवों पर चर्चा हुईय अलग-अलग व्यक्ति के लिए आघात की अभिव्यक्ति अलग-अलग हो सकती है और उसी आधार पर उनकी प्रतिक्रियाओं में अंतर होता है। इसने पुलिस कर्मचारियों को उचित प्रश्न पूछने, हिंसा पीड़ितों को बेहतर ढंग से समझने और उचित कारवाई करने खासकर जटिल परिस्थितियों में ऐसा करने के लिए सक्षम बनाया।  

      बैठक के अंत में, संवेदनशील मामलों से सफलतापूर्वक निपटने के लिए उचित कारवाई एवं जांच करने में सक्षम बनाने के लिए उन्हें एक रेमवर्क दिया गया।

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