शाहनवाज़-जोकीहाट-विधायक-के-घर-हमला

जोकीहाट विधानसभा – चुनावी रंजिश में रिश्तों की मर्यादा को भूल भाई ने किया भाई पर हमला

स्व०तस्लीमुद्दीन के पूर्व राजद सांसद बड़े बेटे सरफराज़ ने आखिरकार चुनावी रंजिश में निर्वाचित एमआईएम विधायक छोटे भाई शाहनवाज पर कर ही दिया हमला

शाहनवाज़-जोकीहाट-विधायक-के-घर-हमला
फोटो – जोकीहाट विधानसभा क्षेत्र चुनावी रंजिश में रिश्तों की मर्यादा को भूल भाई ने किया भाई पर हमला
  • जोकीहाट थाने में दर्ज हुए मामले
  • रिश्ते और राजनीति दोनो हुए शर्मसार

सीमांचल / जोकीहाट ( विशाल/पिन्टू/विकास )।

अररिया जिले के जोकीहाट विधानसभा क्षेत्र में आखिरकार चुनावी रंजिश की ज्वाला राजद और एमआईएम के बीच फूट कर सामने आ ही गई

और रिश्तों की मर्यादा को धूल धूसरित करते हुए पराजित बड़े भाई सह राजद प्रत्याशी सरफराज़ ने विजेता छोटे भाई सह एमआईएम विधायक शाहनवाज के ऊपर हमले की कार्रवाई करने के लिए शाहनवाज के जोकीहाट आवास पर देर रात में हमले कर दिया।

इस दौरान ग़नीमत की बात यह रही कि शाहनवाज उस बक्त अपने जोकीहाट वाले आवास पर नहीं थे।लेकिन , शाहनवाज के पत्नी और बच्चे को हमलावर बड़े भाई के द्वारा जमकर ज़लील किये गए , गालियां दी गई और शाहनवाज की जान ले लेने की धमकियां दी गई।

घटना 16 नवम्बर की रात्रि के समय की है , जब , विधायक शाहनवाज उस रात वहां नहीं थे , वह अपने अररिया जिला मुख्यालय स्थित आवास पर थे।

शाहनवाज की पत्नी के हवाले से इस मामले में जोकीहाट थाने में एक मामला दर्ज कराया गया है , जिसमें बड़े भाई सह पूर्व राजद सांसद सरफराज़ सहित 15 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है

और शाहनवाज ने प्रशासन से गुहार लगायी है कि तुरंत आरोपियों की गिरफ्तारी की जाय , अन्यथा , जोकीहाट की जनता को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

16 नवम्बर के सूर्योदय के साथ ही एक ओर  सीमांचल में एनडीए गठबंधन के समर्थकों में बिहार की नई एनडीए सरकार के स्वरूप देखने की ललक जगी हुई थी

और दूसरी ओर विपक्षी दलों में लोकतंत्र को रौंद कर बनायी जाने वाली एनडीए की सरकार पर लानत भेजने की तैयारी थी , वहीं , तीसरी ओर , चुनावी रंजिश के आलोक में अररिया जिले के चर्चित जोकीहाट विधानसभा क्षेत्र में घटी घटना ने सम्पूर्ण सीमांचलवासी को स्तब्ध कर दिया।

स्वर्गीय सीमांचल गांधी एवं पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री तस्लीमुद्दीन के जीवनकाल की राजनीति में आपसी परिवार के बीच ऐसी कोई घटना कभी घट ही नहीं सकी थीं ,

तो अचानक घटी उस घटना को तस्लीमुद्दीन के पुश्तैनी घर पर अंजाम देकर सीमांचल गांधी के बड़े बेटे ने ही स्वर्गीय सीमांचल गांधी की प्रतिष्ठा को सरेआम लूट लेने का काम करके रिश्ते और राजनीति दोनो को शर्मसार  करने का काम कर दिया।