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गुलशन-आरा-मौलाना-चतुर्वेदी

एमआइएम : सीमांचल भर में महिलाओं की नहीं हुई एक भी उम्मीदवारी

जोकीहाट की शेरनी गुलशन भी की गई दरकिनार, तो दूसरी ओर कंचन देवी को भी मिला झटका

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मेरे दोस्त किस्सा — ये क्या हो गया सुना है कि तू — बेवफा हो गया

सीमांचल/जोकीहाट ( पिन्टू/विकास ) ।

एमआइएम की चुनावी राजनीति में एमआइएम की महिला नेताओं को सीमांचल में एक सीट पर भी उम्मीदवारी हांसिल नहीं करायी गई।

एमआइएम की महिला उम्मीदवारों को एक सीट पर भी इस चुनाव में एमआइएम की उम्मीदवारी नहीं मिल पाने से सीमांचल में एमआइएम की भारी किरकिरी हो रही है।

कसबा विधानसभा क्षेत्र में एमआइएम को स्थापित करने वाली कंचन देवी की उम्मीदवारी से हुई दरकिनारी को एमआइएम का जातीय भेदभाव बताया जा रहा है , वहीं , एमआइएम के बैनर तले जोकीहाट जैसे क्षेत्र में स्व० राजनेता तस्लीमुद्दीन घराने से लोहा लेते हुए एमआइएम को सिंचित करने वाली एमआइएम की शेरनी कही जाने वाली एमआइएम नेता गुलशन की भी उम्मीदवारी में की गई उपेक्षा पर सवाल खड़े हुए हैं।

बताया जाता है कि प्रदेश पार्टी नेतृत्व के उपेक्षात्मक नजरिए के कारण ही महिलाओं की एक भी उम्मीदवारी सीमांचल के किसी भी विधानसभा क्षेत्र में तय नहीं हो पायी है