टिकट-की-खातिर-उठापटकसिमांचल-में-राजनेताओं-की-श्रृंखलाबद्ध-मौतराजकुमार-चौधरी-रघुवंश-बाबु-को-श्रधांजली-देते
डॉक्टर बनना चाहती है तुबा अफशां

डॉक्टर बनना चाहती है तुबा अफशां

गरीबों का मुफ्त  ईलाज करेगी-तुबा

तुबा अफशां अपने पूरे परिवार के साथ ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए

फुलवारीशरीफ (प्रवेज आलम)

जैसा कि सभी लोगों को परीक्षा देने के बाद परिणाम का इंतजार रहता है ठिक उसी तरह तुबा को भी ईंतजार था अपने नीट परीक्षा के परिणाम आने का। जैसे ही तुबा अफशां को पता चला कि  नीट का रिजल्ट आने वाला है उससे हर एक मिनट गुजारना मुशिकल हो रहा था

एनटीए द्वारा  नीट का रिजल्ट घोषित करते ही उसे बस रिजल्ट देखने कि जल्दी थी। जब तुबा अफशां को पता चला कि उसने 720 में 641 नंबर लाये हैं तो उसकी खुशियों का ठिकाना नही रहा।

तुबा  नें अपनी प्रारंभिंक स्कुल कि शिक्षा कैंब्रिज पब्लिक स्कूल फुलवारी शरीफ से हासिल की जबकि कोचिंग आकाश इंस्टीट्यूट  फ्रेजर रोड से । उसने मैट्रिक में 10सीजीपीए जबकि इंटर में 92 प्रतिशत नंबर लाकर स्कुल का नाम रौशन किया था। नीट में बिहार से 83,038 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

इसमें 46,327 सफल हुए। इस बार सफलता का प्रतिशत 55.79 रहा। घर के सभी लोगों के चेहरे पर खुशिया ही खुशियां थी। वहीं उसकी मां ईशरत प्रवीण जो कि गृहिणी हैं बताया कि मेरी बच्ची रोजना 20-22 घंटे पढ़ाई करती थी जिसका परिणाम आज उसे देखने को मिला आगे कहा कि मेहनत करने से ही फल मिलता है और मेहनत का फल बहुत मिठा होता है

वहीं पिता अमरीरूद्दीन अंसारी जो कि पीएचडी ईसलामपुर में जुनियर इंजिनियर के पद पर कार्यरत है। यह खबर जब ईसापुर के फेडरल कालोनी के लोगों को पता चला तो लोगों द्वारा बधाई देने का सिलसिला जारी है वहीं वार्ड नंबर 26 के वार्ड पार्षद मो0 नईम ने कहा कि सभी बच्चे एवं बच्चिायें को इसी तरह से मेहनत करें और कामयाबी हासिल करें जिससे कि उनहें समाज में इज्जत कि नजर से देखा जा सके।

तुबा अफशां ने कहा कि वह  कार्डियोलॉजी में विशेषज्ञता हासिल कर दिल से जुड़ी बीमारियों का इलाज करेगी साथ ही साथ गरीबों के लिए निःशुल्क ईलाज करने कि बात कही।

मां को दिया सफलता का श्रेय

मां ईशरत प्रवीण ने बताया कि वह शुरुआत से ही  पढ़ाई में काफी अच्छी रही। अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां को देते हुए तुबा ने कहा कि आज उनकी कामयाबी के पीछे सिर्फ उनकी मां हैं। उनकी वजह से ही उन्हें यह सफलता हासिल हुई है।

फुलवारी शरीफ, परवेज़ आलम की रिपोर्ट