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अमरनाथ-तिवारी

धमदाहा विधानसभा क्षेत्र

कांग्रेस के लिए सुरक्षित बनाने की जुगत के साथ साथ इस बार अमरनाथ तिवारी की ताजपोशी की संभावना बलबती

अमरनाथ-तिवारी
फोटो – कांग्रेस के धमदाहा सीट के भावी प्रत्याशी अमरनाथ तिवारी
  • पूर्व में भी दो बार कांग्रेस से विधायक रहे हैं अमरनाथ तिवारी

सीमांचल/पूर्णिया ( पिन्टू / विकास ) ।

“भाजपा के कब्जे वाले सीटों पर राजद चुनाव लड़ेगी और जदयू के कब्ज़े वाली सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ेगी” ,

महागठबंधन के विश्वसनीय सूत्रों के बीच से इस आशय की खबर के प्रसारित होने के साथ ही सीमांचल के पूर्णिया जिले के धमदाहा विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेसियों की वांछें खिल उठी ,

वहीं , पूर्णिया सदर की विधानसभा सीट से जुड़े राजद कार्यकर्ताओं व राजद समर्थकों की भी चेहरे पर मुस्कान बिखर गई।

धमदाहा विधानसभा क्षेत्र की सीट पर फिलबक्त जदयू का कब्ज़ा है और जदयू से पहले कांग्रेस का कब्ज़ा रहा था।

तुर्रा यह कि जो शख्सियत अभी कांग्रेस की टिकट पर धमदाहा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए व्याकुल हैं , वही , कांग्रेसी शख्सियत अमरनाथ तिवारी इस बार धमदाहा की सीट पर कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ने को व्याकुल हैं।

लगातार जनसम्पर्क अभियान चला रहे हैं , गांव से बाजार तक जनता को कांग्रेस की ओर आकर्षित करने के लिए हर वह लुभावने कार्य कर रहे हैं जो जनता की पसंद में शुमार रहने वाले हैं।

धमदाहा विधानसभा की सीट पर कांग्रेस की बड़ी सम्भावना आज की तारीख में भी बनी हुई है।

कांग्रेस के धमदाहा सीट के भावी प्रत्याशी अमरनाथ तिवारी के सहयोगी मोह० शाहिल उर्फ बबलू के अनुसार , धमदाहा विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक मतदाता मुस्लिम समाज के हैं और यादव मतदाता की संख्या दूसरे नम्बर पर है।

दलितों महादलितों के वोट भी पर्याप्त हैं और पिछड़े अत्यंत पिछड़े वर्गों की बात ही जुदा है कि वह बहकाबे में एनडीए के भाजपा को वोट दे दे या फिर जदयू की ओर लुढ़क जाए।

बहरहाल , यहां बता देते हैं कि धमदाहा की सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में इस बार पूरे दमख़म के साथ चुनाव लड़ने को तैयार अमरनाथ तिवारी ने कांग्रेस की ही टिकट पर दो बार धमदाहा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता था और दो टर्म विधायक रहे थे।

लेकिन , नीतीश कुमार की जदयू से राजद-कांग्रेस के पिछले चुनावी गठबंधन में जदयू को उम्मीदवारी मिली थी और राजद-कांग्रेस के खुले सहयोग से जदयू को ही धमदाहा विधानसभा क्षेत्र से जीत हांसिल हुई थी लेकिन इस बार धमदाहा की सीट को नीतीश कुमार की जदयू से पिंड छुड़ाने का अवसर सामने आया है ।

लिहाजा , परम्परागत कांग्रेसियों की ताकत पर और जदयू से पिंड छूटने पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं , लोकल नेताओं व राजद में धमदाहा की सीट पर महागठबंधन के कब्जे स्थापित करने के जुनून चढ़ गए हैं ।

अनुमान लगाया जाने लगा है कि इस बार धमदाहा की सीट हरहालत में कांग्रेस की झोली में ही जा समाएगी और एनडीए गठबंधन की जदयू को इस बार हरहालत मे नुकसान ही झेलनी पड़ेगी।