टिकट-की-खातिर-उठापटकसिमांचल-में-राजनेताओं-की-श्रृंखलाबद्ध-मौतराजकुमार-चौधरी-रघुवंश-बाबु-को-श्रधांजली-देते
फुलवारी से स्थानीय रविदास जाति

फुलवारी से स्थानीय रविदास जाति को टिकट नहीं तो दबेगा नोटा का बटन – अशोक कुमार

फुलवारी से स्थानीय रविदास जाति को टिकट नहीं तो दबेगा नोटा का बटन – अशोक कुमार       

परवेज़ आलम (फुलवारी शरीफ)

फुलवारी शरीफ विधानसभा क्षेत्र के चिलबल्ली गांव में आयोजित रविदास समाज के महापंचायत में एक स्वर से मांग उठी है की फुलवारी शरीफ सुरक्षित विधानसभा सिट से इस बार स्थानीय रविदास समाज से आने वाले को ही टिकट दिया जाए अन्यथा रविदास समाज के लोगो को नोटा बटन दबाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा | महापंचायत की अध्यक्षता अखिल भारतीय रविदास नव निर्माण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह रालोसपा नेता अशोक कुमार ने किया । इस महापंचायत में रविदास समाज के  बहुत सारे संगठन के लोग जातीय एकजुटता के लिए उपस्तिथि हुए । अशोक कुमार ने कहा कि फुलवारी शरीफ विधानसभा क्षेत्र सुरक्षित क्षेत्र जब से बना है अभी तक एक बार भी रविदास जाति के लोगो सेवा करने का मौका नहीं दिया गया है  जबकि फुलवारी विधानसभा में दलितों में सबसे ज्यादा जनसंख्या रविदास जाति का है पर शाजिस के तहत रविदास समाज से कोई भी बड़ा राजनीतिक दल अपना उम्मीदवार नहीं बनाया है । आज सभी लोग मिलकर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया की फुलवारी विधानसभा क्षेत्र के खास कर रविदास समाज अपनी हिस्सेदारी लेने के लिए मन बना चुका है श्री कुमार ने कहा चाहे एनडीए हो या महागठबंधन यदि रविदास जाति के क्षेत्रीय लोगो को टिकट नहीं देती है तो इस चुनाव में रविदास जाति के लोग वोट तो करेगे पर बटन नोटा का दबाने का काम करेगा । इसके जागरूकता के लिए टीम के लोग पंचायत एवं वार्ड में घूम – घूम कर अपनी हिस्सेदारी की  बात बताने का अभियान शुरू कर दिया गया है । उन्होंने कहा आजादी के इतने दिनों बाद भी फुलवारी विधानसभा में बाहरी लोगो को राजनीतिक दल टिकट देकर फुलवारी विधानसभा के जनता को ठगते और थोपते आ रही है और वे बाहरी जन प्रतिनिधि खास कर दलित लोगो से सौतेला व्यवहार करते चले आ रहे है । जिसका परिणाम है आज तक दलितों में कोई बदलाव नहीं आया है ।  इस बार फुलवारी विधानसभा के आम जनता ने भी ठाना है बाहरी एवं पूर्व जन प्रतिनिधि को भगाना है और अपने घर के उम्मीदवार को जीतना है । महापंचायत में मुख्यरुप अपनी बात रखने वाले में शंभू रविदास, जितेंद्र रविदास,चंदेश्वर रविदास,सुदेश्चर रविदास,नगीना रविदास, हरेंद्र कुमार, उमेश रविदास एवं अन्य बुद्धिजीवी अपनी बात रखी ।