टिकट-की-खातिर-उठापटकसिमांचल-में-राजनेताओं-की-श्रृंखलाबद्ध-मौतराजकुमार-चौधरी-रघुवंश-बाबु-को-श्रधांजली-देते
राजद-नेताआशु-पांडे

कटिहार नगर निगम के संथाल टोला वार्ड 6 की सड़ान्ध की कहानी, राजद नेता आशु पांडेय की जुबानी

राजद-नेताआशु-पांडे
फोटो – शहरी क्षेत्र के कटिहार नगर निगम क्षेत्र का वार्ड नंबर 6 ( संथाल टोला ) वर्षात के दिनों में सड़ान्ध भरी कीचड़ से सने रास्ते के कारण घर से निकलना दूभर

सीमांचल / कटिहार ( विशाल /पिन्टू / विकास )।

कटिहार नगर निगम क्षेत्र का वार्ड नंबर 6 ( संथाल टोला ) कई दशक से पक्की सड़क के अभाव में ईट शोलिंग के कच्ची एवं कीचड़युक्त सड़क पर चलने के लिए मजबूर है।

संथाल टोला के लोगों को खासकर वर्षात के दिनों में सड़ान्ध भरी कीचड़ से सने रास्ते के कारण घर से निकलना दूभर हो जाता है।

अभी चुनावी वेला में शहरी क्षेत्र की उक्त सड़क को राजद के नेता आशु पांडेय ने मुद्दा बनाकर उक्त सड़क की त्रासदी झेलने वाले संथाल समाज को राजद के बैनर तले गोलबंद करते हुए कटिहार नगर निगम की दलित महादलित विरोधी कार्यशैली को निशाने पर ले लिया है और आंदोलनात्मक गतिविधि शुरू करने की तैयारी शुरू की है ।

राजद नेता आशु पांडेय के अनुसार , निगम क्षेत्र के उक्त  संथाल टोला की उपेक्षित सड़क की दुर्दशा के कारण वहां के छोटे बच्चों की पढ़ाई-लिखाई हेतु स्कूल जाने एवं महिलाओं व बुजुर्गों सहित रोगियों के इलाज हेतु घर से बाहर निकलने में भारी मुश्किल का सामना करना पड़ता है और उस स्थिति में इन लोगो को कोई देखने वाला दिखाई नहीं देता है।

लिहाजा ,आदिवासी टोला निवासियों के अनुरोध पर युवा राजद के बिहार प्रदेश सचिव आशु पांडे ने अपने साथियों के साथ वार्ड नम्बर 06 पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया और स्थलीय जायजा लेने के उपरांत श्री पांडे ने वहां की सड़ान्ध भरी कहानी को प्रेस मीडिया के साथ साझा करते हुए कहा कि कई सालों से सड़क नाला नहीं होने के कारण आदिवासियों संथालों को प्रत्येक वर्ष की बरसात के समय परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

वार्ड की स्थिति देखने के बाद युवा राजद के बिहार प्रदेश सचिव आशु पांडे ने कहा कि स्थानीय सांसद व  विधायक चुनाव में वोट हाशिल करने के लिए कटिहार के शहरी क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं।

जबकि नगर का आधा दर्जन से ज्यादा वार्ड में सड़कें व नाला नहीं हैं। जिसके कारण बारिश के मौसम में 4 महीना सड़क डूबा रहता है। सड़क के नाम पर ईटा सोलिंग तक नहीं है। अगर मां- बहने प्रसब पीड़ा से परेशान हो तो इस रास्ते से जाना तक मुश्किल है। पीड़ितों को अपनी जान जोखिम में डालकर हीं जाना पड़ेगा।

उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि नगर निगम की स्थापना के 9 साल बीतने के बाद भी नगर निगम क्षेत्र की दुर्दशा कायम है। जबकि दूसरा आश्चर्य की बात यह है कि स्थानीय विधायक 15 सालों से लगातार विधायक हैं

लेकिन ,  उन्हें भी संथाल टोले की कोई फ़िक्र नहीं है। नगर की जनता अपनी गाड़ी कमाई टैक्स के रूप में देती आ रही है। तब भी 21वी सदी में वार्ड में सड़क और नाला का ना होना यह दर्शाता है कि नगर के विकास की सरकारी चर्चा सिर्फ झूठ है।

श्री पांडे ने चेतावनी दी कि जल्द से जल्द  नगर आयुक्त इस पर संज्ञान लें अन्यथा वार्ड के नागरिकों के द्वारा नगर निगम को घेरने का भी काम किया जा सकता है। इस मौके पर मुख्यरूप से संतोष  विश्वकर्मा, अभय मिश्रा, सुजीत झा एवं संतोष साह उपस्थित थे।