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कटिहार का प्राणपुर विधानसभा क्षेत्र

सत्तारूढ़ विधायक सह बिहार सरकार के मंत्री विनोद सिंह की अख़बारी बयानबाजी पर बिफरे राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष तारकेश्वर ठाकुर, पलटवार में खोले झूठ के ढ़ोल के पोल

तारकेश्वर-ठाकुर-राजद
फोटो – सत्तारूढ़ विधायक सह बिहार सरकार के मंत्री विनोद सिंह की अख़बारी बयानबाजी पर राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष तारकेश्वर ठाकुर का पलटवार

सीमांचल ( अशोक कुमार ) ।

राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश उपाध्यक्ष सह राजद के पूर्व जिला अध्यक्ष तारकेश्वर ठाकुर ने एक बयान जारी कर कटिहार जिले के प्राणपुर के सत्तारूढ़ विधायक सह बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री विनोद कुमार सिंह के उस अखबारी बयान पर पलटवार किया है जिसमें प्राणपुर विधान सभा क्षेत्र के विधायक सह बिहार सरकार के मंत्री विनोद कुमार सिंह ने अपने कार्यकाल में क्षेत्र के विकास का झूठा ढ़ोल पीटते हुए क्षेत्र की जनता की पीड़ा पर नमक छिड़कने का काम किया है।

उन्होंने कहा है कि कोरोना वायरस की चपेट से ठीक होकर वापस आये मंत्री जी के स्वस्थ्य रहने की वह कामना करते हैं लेकिन उनके द्वारा अखबारी बयान देकर क्षेत्र में विकास के दावे करने की बात को वह सिरे से नकारते हैं और उन्हें सुझाव देते हैं कि अख़बारी बयानबाजी की जगह मंत्री जी अपने कार्यकाल में हुए क्षेत्र के विकास से सम्वन्धित कोई  श्वेत पत्र जारी किये होते तो क्षेत्र की जनता अच्छी तरह समझ पाती कि क्षेत्र के विकास में उनका कितना योगदान रहा है।

प्रदेश राजद उपाध्यक्ष ने कहा कि मंत्री  ने अपने अखबारी बयान में दावा किया है कि प्राणपुर विधान सभा क्षेत्र में उनके द्वारा अपने दो कार्यकाल दिवस में साढे तीन सौ छोटे-बड़े पुल-पुलियों के साथ-साथ साढ़े चार सौ छोटे बड़े सड़कों का निर्माण एवं स्वीकृति करबा कर क्षेत्र का उत्तरोतर विकास कराया गया है,  साथ ही अगले कार्य काल में आजमनगर से रोहिया और काठघर दुर्गापुर से धवौल के बीच महानंदा नदी में उच्च स्तरीय पुल का निर्माण करने की  चर्चा की गई है।

इस मामले पर राजद नेता तारकेश्वर ठाकुर ने कहा है कि जो काम एनडीए सरकार में विधायक रह कर नहीं किये और पांच साल अपने एनडीए सरकार में मंत्री  रहने के बाद भी नहीं किये उस काम को लेकर आगे आने वाले दिनों में जनता उन पर कैसे भरोसा करेगी ।

उन्होंने कहा कि मंत्री  ने विधान सभा में एक बार भी महानंदा में पुल निर्माण का सवाल नहीं उठाया। यदि उठायें हों तो विधान सभा के कार्यवाही की है तो कम -से कम विधान सभा कार्यवाही की सूची हीं प्रकाशित करायें साथ-साथ जिन साढे तीन सौ पुल पुलिया और साढे चार सौ सडकों के निर्माण एवं स्वीकृति मिलने की बात कही है उसका भी सूची प्रकाशित करायें। ताकि क्षेत्र की जनता को यह समझ में आये । राजद प्रदेश उपाध्यक्ष के अनुसार वर्ष 2005 से 2011 का कार्य काल तो राजद का ही था।

उसके बाद 2011 से 2015 से अब तक का मंत्री के द्वारा किये गए विकास एवं उसके लिए किए गए प्रयास जो 2011 से अब तक उन्होंने किया उस  विकास व प्रयास को दिखाएं।

राजद नेता ने कहा कि प्राणपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता को यह जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है कि मुख्य मंत्री सड़क एवं सेतु का निर्माण तथा विधायक मद् की राशि जो दस वर्षों में बाईस करोड़ के लगभग होगा , उक्त राशि से किन- किन पंचायतों में क्या काम हुआ उसे मंत्री के द्वारा  अवगत करायी जाये ।

प्राणपुर विधानसभा क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं की ओर मंत्री का ध्यान आकृष्ट करते हुए राजद नेता ने कहा कि सिकटिया से दत्तरंगा बाँध पर पिछले दस सालों में एक बार भी मरम्मति का कार्य नहीं हुआ। यह सड़क दस पंचायतों को जोड़ने का मुख्य मार्ग है। यह सड़क मात्र चार किलोमीटर है जो प्राणपुर और आजमनगर को जोड़ता है।

मैनानगर (प्राणपुर) चौक से सहजा रेलवे स्टेशन जाने वाली पथ में मदनशाही के पीछे कटिंग में पुल निर्माण की स्वीकृति अभी तक नहीं मिली है। यह सड़क 1987में आई भयानक बाढ़ में यहाँ लकडी का पुल बाढ में बह गया था ।

वहीं शीतलपुर पंचायत स्थित विशनपुर से सिंधौल जाने वाली मुख्यमंत्री सड़क में खररा धार में पूर्व में हीं जिला परिषद द्वारा निर्मित पुल बाढ़ दौरान 2016 में ध्वस्त हो गया था। जो मात्र चालीस फीट का कटिंग है। अभी तक नया पुल नहीं बना है।

जबकि सिंधौल पंचायत अन्तर्गत बलूआ चौक से घोरदह जाने वाली प्रधान मंत्री सड़क में बलूआ चौक के उत्तर 2016 की बाढ़ में पुराना पुल क्षतिग्रस्त होकर बह गया। आज तक यह रास्ता बन्द है। आज तक पुल नहीं बना । वहीं झौआ संथाली बांध ढाला से गुठेली बांध ढाला तक रास्ता बहुत ही खराब है।

जो 4-5 पंचायतों के नागरिकों का झौआ-सलमारी खासकर बाढ़ के समय में अनुमंडल बारसोई एवं प्रखंड मुख्यालय आजमनगर जाने का एक मात्र रास्ता हैं। यह सड़क आज तक नहीं बन पाया है। जब कि दोनों तरफ पक्की सड़क हैं।

राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष तारकेश्वर ठाकुर ने अपने इस बयान में कहा कि बैरिया पंचायत अन्तर्गत ढेलवा चौक से गढ़बैना जानें का मार्ग लगभग क्षतिग्रस्त रहने से आवागमन अवरुद्ध है। जबकि दोनों तरफ प्रधानमंत्री सड़क हैं। उक्त सड़क की मरम्मती या पक्कीकरण नहीं हो पायी है।

आजमनगर मुख्यालय स्थित प्रभास चौक से केसरी  चौक के बीच जल जमाव रहता हैं। पिछले 10 वर्षों में भी जल निकासी हेतु नाला का निर्माण नहीं हुआ है। जबकि आजमनगर से सलमारी जाने वाला एकमात्र पीडब्लूडी पथ है। जो आजमनगर से दमदमा ढाला तक बांध का हिस्सा है। विगत 10वर्षों में भी सड़क का चौड़ी करण नहीं हो सका।

यह आजमनगर प्रखण्ड मूख्यालय से  अनुमंडल और जिला मुख्यालय जाने का एक मात्र रास्ता है।आये दिन यात्रियों का और यात्री वाहनों की जो दूरदर्शा होती है, वह जग-जाहिर है।आजमनगर,बलीपाड़ा,सीतल मणी होते हुए कुसिदा पश्चिम बंगाल जाने वाली प्रधानमंत्री सड़क लगभग 20 किलोमीटर है।

जो गायघट्टा,सीतलमणी, महेशपुर,निमोल,दनिहां पंचायत वासियों को आजमनगर स्टेशन से जोड़ने और आजमनगर मुख्यालय का मुख्य मार्ग है। जिसकी हालत बहुत खराब है। यह पथ आजमनगर को बंगाल से जोड़ता हैं।

इसलिए व्यावसायिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण यह रास्ता बहुत महत्वपूर्ण हैं। उक्त पथ का मरम्मत नहीं होना सरकार एवं क्षेत्रीय विधायक,सांसद की लापरवाही और विफलता को दर्शाता हैं। कदवा,कचौरा,शिवगंज आदि स्थानों पर बाढ़ के समय बांध को काटा जाता हैं और वह पानी आजमनगर के पश्चिमी भाग को डुबोते हुए प्राणपुर,मनिहारी,अहमदाबाद  को तहस-नहस कर देता है। जिससे जान-माल की क्षति होती हैं।

फसलें पूर्णरूप से बरबाद हो जाता हैं। फुस के घर बरबाद होते ही हैं। पक्के घर भी क्षतिग्रस्त हो जाता हैं। लोग बेरोजगार हो जाते हैं। भुखमरी की स्थिति आ जाती है और जीविका के लिए पलायन कर दूसरे राज्यों में मजदूरी के लिए जाना पड़ता हैं।

उन्होंने कहा है कि इस लाॅकडाउन की स्थिति  में मजदूरों की जो गति हुई और मजदूर भूखे पेट हजारों किमी० पैदल चल कर 3-4 दिन- तक भूखे रह रास्ते में बस, ट्रक, ट्रेन आदि से जान जोखिम में डालते हुए घर वापसी किये और उसी क्रम में कईयों की मौंत की ह्रदय विदारक घटना भी घटी तो वैसी स्थिति में भी विधायक सह मंत्री के द्वारा कोई सार्थक प्रयास क्यों नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार की जो विभागीय योजना है वह राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में चलती है लेकिन उसे भी प्राणपुर में सम्पूर्ण ढंग से पूरा नहीं किया गया। राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी भी सत्ता और विपक्ष में रही है। राजद के जनप्रतिनिधि, विधायक और राज्य मंत्री भी रहे हैं।

इसलिए ,  काम कैसे करवाया जाता है। उन्हें बेहतर पता है। विधायक होना तो बहुत बड़ी बात है। मंत्री तो सरकार ही होता हैं। विधायक की क्षमता का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।विधायक किसी भी विभाग के काम को अपनी जमीन पर उतार सकते हैं।

इच्छाशक्ति होनी चाहिए। राजद नेता तारकेश्वर ठाकुर के अनुसार मंत्री ने क्षेत्र के जिन कामों का ज़िक्र करते हुए झूठी शान बघारने की कोशिशें अखबारों के जरिये की है , उसको पढ़ सुन कर प्राणपुर की जनता स्वयं में पछतावा भुगत रही हैं और इस कीचड़ से उबरने का मन बना रही है। खासकर युवा पीढ़ी इस पीड़ा से निजात चाहती हैं।