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प्रोफेसर-आलोक-कुमार

बहुजन क्रान्ति मोर्चा ने किसानों की समस्या पर उठाया आवाज़

कहा सरकार के पास पिछला आपदा राशि अभी तक बांकी, अब नये भुगतान की बजायी जा रही है पीपी, बाढ़ और वर्षा से हो रही बर्बादी का सरकारी बचावकार्य नगण्य

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फोटो – बहुजन क्रांति मोर्चा के पूर्णिया प्रमंडलीय प्रभारी सह राजद के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर आलोक कुमार

पूर्णिया ( पिन्टू / विकास ) ।

बहुजन क्रांति मोर्चा के पूर्णिया प्रमंडलीय प्रभारी सह राजद के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर आलोक कुमार ने बयान जारी कर कहा की सीमांचल क्षेत्र में एक साथ कोरोना महामारी एवं बाढ़ के प्रकोप से किसानों का जनजीवन गंभीर संकट से गुजर रहा है ,

प्रोफ़ेसर कुमार ने कहा कि सीमांचल के किसान पूर्व में तूफान एवं अतिवृष्टि से अपने मक्का के फसल की छती एवं लागत मूल्य से भी कम कीमत पर बेचने की मजबूरी के मार से उबर भी नहीं पाए थे कि अचानक खरीफ फसल धान की रोपनी भी बाढ़ एवं अतिवृष्टि से नदियों के उफान के कारण धान की रोपनी नहीं कर पाए।

सीमांचल क्षेत्र के किसानों को राज्य सरकार द्वारा पिछला आपदा राशि भी खाते में नहीं भेजा गया। अधिकतर किसानों के खाते में घोषित राशि से कम हजार एवं 1500 रुपए  भेज कर खानापूर्ति की गई। जबकि राज्य सरकार द्वारा प्रति हेक्टेयर  7500 रुपए क्षतिपूर्ति देने की घोषणा की गई।

किसानों की बर्बादी के साथ-साथ खेतिहर मजदूर जो गांव में खेती से जुड़कर अपना पेट भर रहे थे वह भी भुखमरी के कगार पर चले गए हैं। अन्य राज्यों से घर वापस आए मजदूरों का हालत और खराब हो चुका है। कोरोना महामारी अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी पांव पसार रहा है।

जहां स्वास्थ्य सेवा पूर्णता थप हैं । जिला स्तरीय अस्पतालों में भी संसाधनों की कमी से संक्रमित रोगियों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। अनुमंडल स्तरीय अस्पतालों में अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी उपलब्ध नहीं है ।

सत्तारूढ़ भाजपा – जेडीयू के नेता एवं मंत्री का बिहार के बाढ़ एवं कोरोना से लड़ने की वजाय चुनावी वर्चुअल रैली में लगे हैं। जबकि उनके नेता एवं कार्यकर्ता भी इस चुनावी रैली से आतंकित हैं और करोना से संक्रमित हो रहे हैं।

प्रोफेसर आलोक ने राज्य सरकार से अविलंब किसानों के खाते में पूर्व में तूफान  पीड़ित किसानों के लिए घोषित आपदा राशि की भुगतान खाते में अविलंब करने की मांग किया है साथ ही खरीफ फसलों की बाढ़ से हुए छति का सर्वे कराकर पुण: किसानों को ₹15000 प्रति हेक्टेयर की दर से आपदा राहत राशि खाते में भुगतान करने की मांग किया है।