कोरेण्टाइन-सेंटरों-की-बदइंतजामी-पर-सिमांचल-के-नेता

सीमांचल का कोरेण्टाइन सेंटर हर हर गंगा, सरकारी व्यवस्था का चेहरा नंगा

सांसद , विधायक , नेताओं की चिट्ठियां बनी नक्कारखाने में तूती की आवाज

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फोटो – युवा नेता सह पूर्णिया के समाजसेवी वैश खान, राजद विधायक शाहनवाज आलम, कांग्रेस सांसद डॉ जावेद आज़ाद सहित एमआईएम नेता अख्तरूल ईमान व डॉ अबू सायम ने विभिन्न जिलापदाधिकारी को पत्र लिखकर कोरेण्टाइन सेंटरों में सरकारी तन्त्रों के द्वारा बरती जा रही लापरवाही पर अंकुश लगाने की मांग की है
  • खाने पीने कपड़ों की अव्यवस्था के साथ साथ जांच की कागजी खानापूर्ति
  • शिक्षकों को सुरक्षा किट तक न मिले
  • कोरेण्टाइन सेंटरों में मची है अफरातफरी

सीमांचल से अशोक कुमार की रिपोर्ट

सीमांचल के जिलों में कोरेण्टाइन सेंटरों की बदइंतजामी को मुद्दा बना कर विपक्षी दलों के नेताओं ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ानी शुरू कर दी है।

पूर्व में एनडीए विरोधी युवा नेता सह पूर्णिया के समाजसेवी वैश खान ने कोरोना संक्रमण से बिहार को महरूम रखने के लिए सरकार को सलाह दिया था कि विभिन्न राज्यों में रोजगार के लिए गये बिहारी प्रवासी जो फ़ंसे हुए हैं उनकी समुचित जांच और इलाज किये जाने तक उन्हें बिहार में नहीं लाया जाय और उनके आवासन और खाने पीने की व्यवस्था उन्हीं राज्यों के उन्हीं इलाकों में बिहार सरकार के पैसों से कर दी जाएं जहां पर बिहारी प्रवासी फंसे हुए हैं।

लेकिन , सरकार ने प्रवासियों में अपनी चुनावी लाभ की सम्भावनाएं तलाश करने की ख्वाहिश से वैश खान की सलाह को नजरंदाज कर बिहारी प्रवासियों को वापस लाने का सिलसिला शुरू कर दिया , लिहाजा , संक्रमण मुक्त बिहार में ज्यों ज्यों बिहारी प्रवासियों की आगमन संख्या बढ़ती जा रही है ,त्यों त्यों बिहार में संक्रमण के फ़ैलाव होते जा रहे हैं ।

वैश खान के अनुसार , इस तरह की त्रासदी से सर्वाधिक खतरे सीमांचल के क्षेत्रों में स्थापित होने लगे हैं। जहां बिहार सरकार के खर्च पर शहर से गांव की गलियों तक होटलों , सरकारी प्रतिष्ठानों के भवनों से लेकर स्कूल भवनों तक मे प्रवासियों को कोरेण्टाइन करने के लिए कोरेण्टाइन सेंटरों की स्थापना की गई लेकिन उन कोरेण्टाइन सेंटरों में कोरेण्टाइन पर रखे गए प्रवासियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने में बिहार सरकार की तमाम शासन प्रशासन व्यवस्था नाकामयाब सावित हो रहीं हैं।

कोरेण्टाइन सेंटरों में सीमांचल के प्रवासी बिहारियों की परेशानी का ज़िक्र करते हुए किशनगंज स्थित बिहार प्रदेश राष्ट्रीय युवा जनता दल के प्रदेश महासचिव एम के रिज़वी उर्फ़ नन्हां मुश्ताक और अररिया के जोकीहाट विधानसभा क्षेत्र के राजद विधायक शाहनवाज आलम ने बताया है कि सीमांचल के कोरेण्टाइन सेंटरों में रखे गए प्रवासियों में खाने पीने की मूलभूत सुविधाओं में जारी अभाव के कारण मानसिक अवसाद के लक्षण बढ़ते जा रहे हैं।

एआईएमआईएम के नेता डॉ अबू सायम , राजद नेता राजकुमार चौधरी , युवा राजद के प्रदेश नेता नन्हां मुश्ताक ,पूर्णिया के समाजसेवी वैश खान सहित कांग्रेस के किशनगंज सांसद डॉ जावेद आज़ाद ने इस सम्वन्ध में अलग अलग व्यान जारी कर कहा है कि सीमांचल के कोरेण्टाइन सेंटरों की व्यवस्था के नाम पर सरकारी तन्त्रों ने लूट खसोट की नीतियां अपनायीं हैं और वहां समुचित खाना , पीना , विछावन , कपड़ों , पेशाबखाना , शौचालय का घोर अभाव रखा गया है।

जिस कारण कोरेण्टाइन सेंटरों में प्रवासी के द्वारा कहीं अपने घरों से खाना पीना कपड़ा मंगवाया जाने लगा है तो कई सेन्टरों से प्रवासी घर भागने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

एमआईएम नेता डॉ अबू सायम ने कहा कि उन्होंने कोरेण्टाइन सेंटरों में सेवा प्रदान करने वाले शिक्षकों को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की लगातार मांगें बिहार की सरकार से कीं थीं तो उनकी मांग के मद्देनजर सरकार ने अभी अभी उन शिक्षकों को साढ़े तीन सौ रुपये भोजन नाश्ते मद में प्रदान करने शुरू किये , लेकिन , उनके लंवित वेतनों के एक मुश्त भुगतान की मांग को सरकार ने अनसुना कर दिया।जो इस अभाव काल में शिक्षकों के लिए भारी परेशानियों का सबब है।

युवा राजद नेता नन्हां मुश्ताक के अनुसार , कोरेण्टाइन सेंटरों में जांच की मनमानी प्रक्रिया अपनाई जा रही है , मर्जीनुसार किसी के जांच किये जाते हैं किसी के नहीं।

सरकार से लेकर प्रशासन तक मे प्रवासियों के प्रति संवेदना , करूणा व आत्मीयता का घोर अभाव नजर आ रहा है।

राजद नेता नन्हां मुश्ताक के अनुसार , बड़े पैमाने पर प्रवासियों के जांच के मामले में सरकारी तन्त्रों के द्वारा कागज़ी खानापूर्ति की खबरें मिल रही हैं जो सीमांचल के लिए भविष्य में खतरनाक साबित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि सीमांचल में गरीबों के साथ हो रहे इस तरह के सरकारी भेदभाव को अब कतई बर्दाश्त नही किया जा सकता है और आने वाले विधानसभा चुनाव में ही इस बात का खामियाजा सरकार और सत्तारूढ़ दलों को भुगतना पड़ सकता है।

इस क्रम में राजद विधायक शाहनवाज आलम , कांग्रेस सांसद डॉ जावेद आज़ाद सहित एमआईएम नेता अख्तरूल ईमान व डॉ अबू सायम ने विभिन्न जिलापदाधिकारी को पत्र लिखकर कोरेण्टाइन सेंटरों में सरकारी तन्त्रों के द्वारा बरती जा रही लापरवाही पर अंकुश लगाने की मांग करते हुए कोरेण्टाइन सेंटरों पर कार्यरत शिक्षकों को सुरक्षा किट भी उपलब्ध कराने की मांग की गई हैं लेकिन खबर लिखे जाने तक इन नेताओं ने बताया कि उनकी आवाज़ बिहार सरकार के महकमे में नक्कारखाने में तूती की आवाज बन कर रह गई है।