नवादा के गाँव में गरीब अल्पसंख्यक पर हुआ अत्याचार, घर भी तोड़कर गिराया एवं गाँव से पलायन करने का बनाया दबाव

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फोटो – नवादा के गाँव से अल्पसंख्यक पलायन को मजबूर

नवादा से मो० सुल्तान अख्तर के रिपोर्ट

नवादा जिला के अंतर्गत पकरीबरावां प्रखंड में दतरौल पंचायत के कुरेढ़ता गांव  का निवासी शम्स आलम उर्फ कल्लू मियां जो वर्षों से इसी गाँव में अपने परिवार के साथ इसी गांव में रह रहा था।

ज्ञातव्य हो की कुढ़ेता गांव के निवासी शम्स आलम उर्फ कल्लू मियां अकेले ही एक परिवार अल्पसंख्यक समुदाय के है बाकी सभी बहुसंख्यक समुदाय से लोग इस गाँव में रहते है ।

कुढ़ेता गांव के ही चुन्नू सिंह, राजीव सिंह, और उनके सहयोगी ने मिलकर उनके घर को तोड़ गिराया। और धमकी भी दी के यहां से साला तुम भागो, तुम अकेला मियां इस गाँव में कैसे रह सकते हो ।

तुमको डर नहीं लगता है। तुम हमारे गांव में कैसे रह सकते हो । तुम कुढ़ेता गांव में रहकर अपनी बहादुरी दिखाना चाह रहा है। तुमको साला ज़िंदा गाढ़ देंगे। हम तुम्हें यहां देखना नहीं चाहते,  और इसी क्रम में उनके घर को गिरा दिया, और जान से मार देने की धमकी भी दिया गया ।

हालांकि गांव के कुछ लोग बचाने में भी जुटे जिससे उसकी जान बची। अच्छे समाज सेवी लोगों ने बचा लिया। लेकिन चुन्नू सिंह और राजीव सिंह एक असामाजिक लोग हैं, इनलोगों के द्वारा हमेशा उपद्र मचाया जाता रहा है।

आज फिर से चुन्नू सिंह और राजीव सिंह द्वारा एक एक गरीब अल्पसंख्यक कल्लू मियां पर अपना ज़ुल्म और ज़बरदस्ती किया गया है एवं एक निःसहाय गरीब कल्लू मियां के घर को उजाड़ दिया।

अब कल्लू मियाँ अपने घर के बाहर खुले आसमान में रह रहा है लेकिन उसे बार-बार कहा जा रहा है कि तुम इस गाँव से से निकल जाओ, वरना जान से मार देंगे। कल्लू मियां ने नवादा के पकरीबरावाँ थाना में आवेदन भी दिया लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

यह घटना 14 मई 2020 की है और अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है प्रशासन भी इस पर लीपापोती करने पर लगी है। इससे पहले भी इस तरह की घटना नवादा के अल्पसंख्यक गांव में और अल्पसंख्यक के साथ अत्याचार होता रहता है। प्रशासन तमाशाई बनी रहती है। इस करोना महामारी में लोग बीमारी से परेशान है, ऊपर से उपद्रवों की आतंक से अल्पसंख्यक समुदाय आतंकित है और अल्संख्यक गरीब जनता अलग परेशान है। शम्स आलम उर्फ कल्लू मियां का परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है।