गया क्वारंटीन सेन्टर में सांप काटने से हुई प्रवासी मजदूर के एकलौते बच्चे की मौत

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फोटो – गया जिले के मोहनपुर प्रखंड के कंचनपुर उच्च विद्यालय परिसर में बनाए गए कवारंटीन सेंटर में पांच वर्षीय प्रवासी बच्चे को सांप काटने से मौत
  • बिहार में क्वारंटीन सेंटरों की हालत बदतर,
  • न सेनिटाइजर और न ही स्क्रीनिंग की व्यवस्था
  • न बेड न ही मछरदानी की व्यवस्था
  • ज़मीन पर सोने से बालक को काटा सांप

गया से मन्नान खान की रिपोर्ट

यहाँ क्वारंटीन सेंटरों की स्थिति बदतर है. न तो यहां रह रहे लोगों की स्क्रीनिंग की गई है, और न ही कवारंटीन के नियम पर अमल किया जा रहा है.

अब तक 1.8 लाख लोग अन्य राज्यों से बिहार लौटे हैं, जिन्हें राज्य की सीमाओं पर और गांवों के बाहर हर प्रखंड में बनाए गए क्वारंटीन सेंटरों में रखा गया है. मुख्य सचिव दीपक कुमार के मुताबिक स्क्रीनिंग की प्रक्रिया शुरू है. लेकिन बिहार सरकार के दावों के उलट क्वारंटीन सेंटरों की स्थिति उलट है. राज्यों के क्वारंटीन सेंटरों की स्थिति बदतर है. न तो यहां रह रहे लोगों की स्क्रीनिंग की गई है, और न ही कवारंटीन के नियम पर अमल किया जा रहा है.

मोहनपुर प्रखंड के कंचनपुर उच्च विद्यालय परिसर में बनाए गए कवारंटीन सेंटर में पांच वर्षीय प्रवासी बच्चे को सांप ने काट लिया और वो बालक वहीँ पर मौत का नींद सो गया. मृत बच्चे का पूरा परिवार मुंबई से सही सलामत गया मोहनपुर पहुंच गया, लेकिन मोहन के कवारंटीन सेंटर में चार दिनों से उसके परिवार बेड, मच्छरदानी की मांग करते रहे और प्रशासन एवं स्वस्थ विभाग ने मुहैया नहीं करवाया जिसका दुश परिणाम यह हुआ कि मासूम इकलौता बच्चा को सांप काट लिया तथा उसकी कवारंटीन सेंटर में ही मौत हो गई।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सदस्य सह मगध प्रमंडल कांग्रेस प्रवक्ता प्रो विजय कुमार मिठू ने प्रेस विज्ञप्ति भेजकर अपने गम और गुस्से का इज़हार किया है. इन्होने सरकार से पूछा है की उस परिवार एकलौता चिराग ही बुझ गया जिसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता है लेकिन सरकार को बताना चाहिय की कवारंटीन सेंटर में प्रवासी बालक के मौत के लिए जिम्मेवार कौन है ?

गया जिले के मोहनपुर प्रखंड में कंचनपुर उच्च विद्यालय के जिस स्कूल को कवारंटीन सेंटर में तब्दील किया गया है, वहां की हालत यह है की न सोने इन्तेजाम न खाने का नियम के अनुसार कोई प्रबंध, स्वास्थ्य विभाग की तरफ से यहां कोई व्यवस्था नहीं की गई है.’

कवारंटीन में रखे गए लोग कहते हैं, ‘हम लोगों को भ्रम में रखा गया है. पदाधिकारी आते तो जरूर हैं, लेकिन सिर्फ पूछताछ कर, मोबाइल से सेल्फी लेकर निकल जाते हैं. मोहनपुर प्रखंड के जिस कंचनपुर उच्च विद्यालय को क्वारंटीन सेंटर में तब्दील किया गया है. जांच के लिए इन्फ्रा रेड थर्मामीटर भी नहीं है. संभव ही नहीं है कि बिना इंफ्रारेड थर्मामीटर से सब लोगों की स्क्रीनिंग की जाए. आइसोलेशन वार्ड में सारा और व्यवस्था करना प्रशासन का काम है.