उर्दू भाषा प्रेमियों के बीच खुशी की लहर, मिथिला विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर को लगाना पड़ा उर्दू बोर्ड

बिहार मंथन ने लगातार सी एम लॉ कॉलेज दरभंगा से उर्दू बोर्ड हटाने की खबर चलाई थी जिसका नतीजा आज 21 मई 2020 को दोबारा से सीएम लॉ कॉलेज के गेट पर हिंदी और उर्दू में बोर्ड लग गया है।

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फोटो – सी एम लॉ कॉलेज दरभंगा में पुनः उर्दू बोर्ड स्थापित करते हुए उर्दू प्रेमी
  • उर्दू भाषा प्रेमियों के बीच खुशी की लहर, दरभंगा की जनता और मिथिला विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर का शुक्रिया : डॉ इक़बाल हसन
  • पिछले कुछ दिनों से सी एम लॉ कॉलेज के उर्दू बोर्ड हटाने के कारण उर्दू भाषा प्रेमियों मे जो गम और गुस्सा था वह आज खत्म हुआ।

दरभंगा (अब्दुल खालिक कासमी )

इस बात की जानकारी आज मिथिला आवामी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ इकबाल हसन रिशु ने दिया। डॉ इकबाल हसन रिशु ने कहा की इस लड़ाई में दरभंगा की जनता और विभिन्न राजनीतिक दल के पदाधिकारी का साथ मिला और वह तहे दिल से दरभंगा की जनता और ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर श्री राजेश सिंह का तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हैं की कल जो उन्होंने वादा किया था कि वह जल्द से जल्द पहले की तरह ही सी एम लॉ कॉलेज के गेट पर लगा बोर्ड ठीक कराएंगे और आज उन्होंने उसे ठीक करा कर उर्दू भाषा प्रेमियों और दरभंगा की जनता का मान रखा इसके लिए मिथिला अवामी फ्रंट हमेशा आभारी रहेंगे।

डॉ इक़बाल  हसन ने कहा के इस लड़ाई में शुरू से उनका साथ देने के लिए कांग्रेस पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रमंडलीय अध्यक्ष डॉ जमाल हसन वरिष्ठ कांग्रेस लीडर डॉ कमरुल हसन,  मिथिला अवामी फ्रंट के पैटर्न प्रोफेसर अब्दुल हादी सिद्दीकी, कुशेश्वर महतो, कांग्रेस सेवादल से राजा सोनी,  एमएच खान,

‌एनएसयूआई से शादाब अख्तर, अंजुम जसीम छात्र जन अधिकार पार्टी से सोनू यादव, मो० एहसान, सफ़दर इमाम साहिब मुखिया,  डॉक्टर वकील अहमद मुखिया आदि साथ थे। इनलोगो के साथ और ताक़त के बिना ये लड़ाई अधूरा रह जाता।

ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवां के अध्यक्ष नजरे आलम ने भी मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति, मुख्यमंत्री एवं डीएम को ज्ञापन देकर उर्दू बोर्ड हटाने वाले कॉलेज प्रशासन पर करवाई की मांग की थी।

ट्विटर पर भी यह मामला इंडिया में ट्रेंड ट्रेंड हो रहा था, जिस वजह से प्रशासनिक अधिकारी पर पर काफी दबाब बन गया था ।  

‌ डॉक्टर इकबाल हसन ने बताया कि बहुत सारे लोग उन्हें फोन करके और व्हाट्सअप  से आज के इस जीत के लिए मुबारकबाद दे रहे हैं,  मैं उनका अपने और अपने तमाम साथियों की तरफ से तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं ।

डॉक्टर हसन ने कहा के आगे भी दरभंगा जिला में गलत सोच को पनपने नहीं देंगे और हमारा दरभंगा जिला एक शांतिप्रिय एवं भाईचारा के लिए जाना जाता है, इसमें गंगा जमुना तहजीब पहले भी था आज भी है और आगे भी रहेगा।

मिथिला के विधायक डॉ फ़राज़ फातमी मिथिला के साथियों को मुबारकबाद दिया है और कहा की आपकी मेहनत रंग लाई । आप सब ऐसे ही हर सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक मुद्दे पर मुतहिद हो कर अपनी आवाज़ बुलंद करते रहें।

पटना के उर्दू प्रेमी एवं सोशल एक्टिविस्ट खुर्रम मलिक कहा की नौजवानों ने कल जिस तरह से एक सुर में आवाज़ बुलंद की वह तारीफ़ के क़ाबिल है,और इसी मेहनत का नतीजा यह रहा के अब उसी जगह पर  फिर से उर्दु में बोर्ड लग गया है और इस के लिये सभी ट्विटर के साथी मुबारकबाद के मुस्तहक़ हैं,

‌ इस देश को तोड़ने वाली सोच रखने वाले लोग हमारे दरभंगा शहर पर अपनी गंदी नजर न रखें बल्कि प्यार मोहब्बत से दरभंगा का नाम और मुकाम आगे कैसे बढ़ाया जाए उसमें हमारे साथ मिलकर काम करें।

डॉ इक़बाल हसन ने ‌एक बार फिर कॉग्रेस लीडर डॉ जमाल हसन, कांग्रेस सेवादल से राजा सोनी, एमएच खान एनएसयूआई से शादाब अख्तर, अंजुम जसीम छात्र जन अधिकार पार्टी से सोनू यादव,मो० एहसान का शुक्रिया अदा किया।