व्यवसायियों पर एकतरफा कार्यवाही पर राष्ट्रीय वैश्य महासभा ने जताया ऐतराज

राष्ट्रीय-वैश्य-महासभा-के-उपाध्यक्ष-राज-कुमार-चौधरी
फोटो – बिहार प्रदेश राष्ट्रीय वैश्य महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार चौधरी

सीमांचल (अशोक कुमार ) ।

राष्ट्रीय वैश्य महासभा के बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष राज कुमार चौधरी ने खाद-बीज व्यापारियों पर कृषि विभाग के प्रशासन के द्वारा किये गए एकतरफा कार्यवाही पर ऐतराज जताते हुए कहा है कि पूर्णिया ज़िला कृषि पदाधिकारी ओर खाद-बीज व्यपारियों के बीच हुए विवाद से न सिर्फ सरकार की किरकिरी हो रही है  बल्कि पूर्णिया में कृषि विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के आरोपों को भी बल मिल रहा है ।

बीज विक्रेताओं ओर अधिकारी के बीच इस क्रम में पूर्व से ही जारी आरोप प्रत्यारोप से स्पष्ट हो रहा है  कि दोनो पक्षों में अनबन की स्थिति कायम है और दूसरी ओर यह भी खुलासा हो रहा है कि पूर्णिया में कृषि पदाधिकारी अभी तक अपने कर्तव्य का निर्वाह ठीक ठंग से करते प्रतीत नही हो रहें हैं ।

राष्ट्रीय वैश्य महासभा के बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष राज कुमार चौधरी,जिलाध्यक्ष प्रकाश जायसवाल , जिला प्रधान महासचिव अंजनी कुमार साह एवम मीडिया प्रभारी अभिषेक लाठ ने सँयुक्त रूप से कहा है कि ज़िला कृषि पदाधिकारी के कार्यालय में एक निजी व्यक्ति के रहने के व्यापारियों के आरोप का कोई सटीक स्पष्टीकरण विभाग की ओर से सामने नही आ पाने से असमंजस की स्थिति उत्पन्न होती नजर आ रही है जबकि दूसरी ओर विभाग ने दमनात्मक चेहरा दिखाते हुए जिस प्रकार से छापेमारी कर सरकारी काम मे बाधा पहुचाने का मुकदमा दर्ज किया वह घोर निंदनीय भी हैं।

वैश्य महासभा के नेताओं ने यहां जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि लोकतंत्र में सबकों अभिव्यक्ति की आजादी हैं ओर विरोध-प्रदर्शन करने का अधिकार हैं।

किंतु प्रशासन द्वारा बीज विक्रेताओं पर पुतला दहन को लेकर भी अलग से मुकदमा दर्ज करना अंग्रेजी हुकूमत को ही दर्शाया जा रहा है।

विज्ञप्ति के जरिये राष्ट्रीय वैश्य महासभा ने गिरफ्तार किए हुए व्यपारियों को अविलम्ब रिहा करने, मुक़दमे को वापस करने और कृषि पदाधिकारी के अविलम्ब स्थान्तरण की माँग की हैं।

विज्ञप्ति के अनुसार , ज़िले के बीज विक्रेता अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दुकान बंद कर बैठे हैं वही कई बीज विक्रेताओं ने सिर मुंडन करवा कर अपने बाल सरकार को भेजने का कार्य किया हैं।

राष्ट्रीय वैश्य महासभा का मानना हैं कि लोक डाउन में व्यापारियों ने कानून का पालन करते हुए जिस प्रकार सरकार ओर समाज का साथ दिया हैं।उस प्रकार ही प्रशासन को भी व्यापारियों के हित को ध्यान में  रखते हुए  कार्य करने चाहिए।

राष्ट्रीय वैश्य महासभा की इस विज्ञप्ति में बताया गया है कि पूर्णिया कृषि पदाधिकारी के फेसबुक वॉल में आरझन विरोधी कई पोस्ट किए गए हैं।जो एक सरकारी कर्मचारी के पद की गरिमा के अनुकूल नही प्रतीत होता।

अतः राष्ट्रीय वैश्य महासभा जिलाधिकारी से इस बिंदु पे भी जाँच कर उचित कार्यवाही की माँग करती हैं।

बिहार प्रदेश राष्ट्रीय वैश्य महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार चौधरी ने कहा हैं कि हमारी इन सभी मांगों पर विचार कर शीघ्र कार्यवाही नही हुई तो महासभा पूरे ज़िले में आंदोलन का रास्ता अपना सकती है।