अंधविश्वास फैलाने की बजाय कॅरोना की जांच और चिकित्सा सुविधाओं की गारंटी करे सरकार : सिद्दीकी

  • सरकार का प्रयास अपर्याप्त , युद्धस्तर पर कार्रवाई की जरुरत : इंसाफ मंच
  • बिना राशन कार्ड वाले गरीब परिवारों को भी राशन मुहैया कराए सरकार : माले
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फोटो – नियाज़ अहमद सिद्दीकी, भाकपा माले के बाजपट्टी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सह इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष

सीतामढ़ी से कलीम अख्तर शफीक की रिपाेर्ट

भाकपा माले के बाजपट्टी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सह इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद सिद्दीकी ने आज प्रेस रिलीज जारी कर कहा है कि करोना महामारी को मात देने केलिए व्यापक परीक्षण व चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने की आवश्यकता थी,

लेकिन यह निहायत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री मोदी अंधविश्वास फैलाकर वैज्ञानिक चेतना को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इस दौर में गरीबों को राशन व अन्य सुविधाएंअविलंब उपलब्ध करवाना प्राथमिकता होनी चाहिए थी, लेकिन प्रधानमंत्री थोथे दलीलों से काम चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि 5,अप्रैल को प्रधानमंत्री द्वारा मोमबत्ती, दीपक तथा टॉर्च लाइट जलाने के आह्वान से करोना की रोकथाम सम्भव नहीं है।

इस वायरस का मुकाबला सिर्फ वैज्ञानिक तरीके से सभी जरूरी संसाधन,जांच,दवाइयों,डॉक्टरों तथा जरूरी उपकरणों जैसे वेंटिलेटर व पीपीई की व्यवस्था करके ही की जासकती है। देश में लगातार इसकी मांग बढ़ रही है। लेकिन प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में इस विषय पर कोइ चर्चा नहीं की।

विगत 22,मार्च को जनता कर्फ्यू के दरम्यान प्रधानमंत्री ने डॉक्टरों व उन तमाम लोगों केलिए जो करोना पीढ़ितों के इलाज में अपनी ज़िंदगी को जोखिम में डालकर काम कर राहे हैं,  थाली पीटने का हास्यास्पद आह्वान किया था।

सुविधाओं के अभाव में बड़ी संख्या में डॉक्टर संक्रमित होरहे हैं, वे लगातार किट व अन्य जरूरी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार लगातार उनकी उपेक्षा कर के उनके मनोबल को तोडा जा रहा है