अविलंब मदरसा शिक्षकों की पूरी तंखाह अदा करे बिहार सरकारः नजरे आलम

समान काम समान वेतन को लेकर हड़ताल कर रहे शिक्षकों की मांग जायजः बेदारी कारवां

अब्दुल कयूम अंसारी और नज़रे आलम
फोटो – ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवां के अध्यक्ष श्री नजरे आलम एवं मदरसा बोर्ड के चेयरमैन अब्दुल कयूम अंसारी

दरभंगा से शादाब अंजूम की रिपाेर्ट

ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवां के अध्यक्ष श्री नजरे आलम ने सात महीने से मदरसे के शिक्षकों को तंखाह नहीं मिलने पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से मांग किया है अविलंब मदरसे के शिक्षकों के पूरा वेतन भुगतान को सुनिश्चित करे।

उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार दावा करती है कि वह शिक्षा पर सबसे अधिक खर्च करती है जबकि बिहार सरकार दूसरी ओर शिक्षकों को समय पर तनख्वाह नहीं देकर अपने दावे का खुद मजाक उड़ा रही हैं।

उन्होंने कहा कि अफसोस है कि पिछले अगस्त से इन शिक्षकों को वेतन नहीं मिला है। नजरे आलम ने सूत्रों के हवाले से कहा कि सरकार ने मुस्लिमों को खुश करने के लिए नए मदरसों को मंजूरी तो दे दी लेकिन पुराने मदरसा शिक्षकों के वेतन से ही नए मदरसे के शिक्षकों का भुगतान किया जब्कि होना तो यह चाहिए था कि नए मदरसों के शिक्षकों के लिए अलग से फंड आवंटित होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जहां बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड, पटना के अध्यक्ष शैक्षनिक सुधार के लिए बड़े बड़े दावे करते हैं, उन्हें भी शिक्षकों की कोई चिंता नहीं है। भूखे शिक्षकों से बेहतर शिक्षा की उम्मीद कैसे की जा सकती है? उन्होंने कहा कि बोर्ड के अध्यक्ष के तानाशाही रवैये के डर से शिक्षक वेतन मांगने से भी डरते हैं।

उन्होंने यह भी नाराजगी व्यक्त की के पिछले महीने पूरे बिहार के शिक्षकों से फौकानिया, मौलवी परीक्षा की काॅपी जांच कराई गई और आनन फानन रिजल्ट भी प्रकाशित कर दिया लेकिन आज तक किसी भी शिक्षकों को काॅपी जांच और आने जाने का खर्च तक नहीं दिया गया है।

श्री आलम ने सरकार से जल्द से जल्द शिक्षकों के वेतन का भुगतान करने की मांग किया, अन्यथा सरकार एक बड़ी उथल-पुथल का सामना करने को तैयार रहे। वहीं श्री नजरे आलम ने समान काम के लिए समान वेतन को लेकर हड़ताल कर रहे

शिक्षकों की मांगों को जायज ठहराते हुए शिक्षकों के समर्थन में कहा कि बिहार सरकार शिक्षकों की मांग को गंभीरता से ले और अविलंब समान काम समान वेतन की मांग को पूरा करे।