सीतामढ़ी ज़िला के सोनबरसा प्रखंड के मधेषरा पंचायत अंतर्गत फतेहपुर मधेषरा पथ के महादलित अपने हक से बंचित

फोटो – कैसे सीतामढ़ी जिले का यह महादलित परिवार लाभ से वंचित है।

सीतामढ़ी से इश्तेयाक आलम की रिपोर्ट   

सीतामढ़ी ज़िला के सोनबरसा प्रखंड के मधेषरा पंचायत अंतर्गत फतेहपुर मधेषरा पथ में हाइवे से करीब दो किलोमीटर दूर पंचायत भवन के पीछे बिहार सरकार की जमीन पर कुछ महादलित परिवार 35 तो कुछ 40 वर्षों से बसे हुए हैं।

हर वर्ष बाढ़ के वक्त ये परिवार पंचायत भवन में मवेशी सहित सरण लेते हैं। बाढ़ के वक्त ही कभी कोई संस्था या समाजसेवी इन्हें खाने को चूड़ा वगैरह दे देते है।लेकिन इनके असली दर्द पर मरहम लगाने अब तक कोई भी प्रखर रूप से सामने नही आया।

कुछ लोग हल्के प्रयास कर इन महादलितों को उनका हक दिलाने के सपना तो दिखलाते रहे, लेकिन हर बार सपना, असली सपना ही बन कर रह गया। करीब 40 महादलित परिवारों को वास्तविक पर्चा नही मिल सका।

हांलाकि इसबार इन महादलित परिवारों को स्थानीय सरपंच मो जहांगीर अहमद खान का साथ मिला है। मुहल्ले में सरपंच एंव समाजिक कार्यकर्ता मो कमर अख्तर के साथ पहुंच कर पूर्व व बर्तमान में लिखी गयी आवेदन को देखा, साथ ही डीएम को देने के लिए आवेदन लिखे जाने की प्रकिर्या जारी थी। महिला मोर्चा की सचिव रीना ने बताया कि-बचपन से देखती सुनती आयी हूँ, अब ये अधिकार ले कर रहूंगी, महिला डीएम हम सभी को फरियाद जरूर सुनेगी।

सरपंच जहांगीर अहमद ने बताया कि- महिलाओ के साथ सरपंच भी डीएम से मिलने जाएंगे।जिसकी तिथि आजकल में ही तय हो जाएंगे। कहा कि-कही कोई परेशानी नही होती यदि ये हाकिम लोगइन गरीबो के दर्द को समझ कर त्वरित कार्रवाई किये होते तो अब तक इन सब की समस्या दूर हो गयी होती। बस मन की कमी है, अब इनका साथ दूंगा।

समाजिक कार्यकर्ता-मो कमर अख्तर ने कहा–भुमिहीन महादलित परिवार पिछले 35 वर्षों से वहां बसे हैं। पिछले कुछ वर्षों से इन परिवारों द्वारा वास्तविक पर्चा के लिए स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई जा रही है। प्रशासन को शीघ्र इस संबंध मे कारवाई करनी चाहिए। इन परिवार को जरूर मदद मिलनी ही चाहिए।