आढ़ा में बैठे आंदोलनकारी
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आढा गांव के शाहीन बाग का आज 22 वॉ दिन में मुख्य अतिथि रहे मुफ्ती सना उल होदा नायब नाजिम इमारत ए शरिया पटना

फोटो – जमुई के आढ़ा में स्तिथ शाहीनबाग में नागरिकता कानून के खिलाफ बैठे आंदोलन में लोग

जमुई से मोहम्मद सुल्तान अख्तर की रिपोर्ट।

जमुई जिला के अंतर्गत आढा गांव का अनशन प्रदर्शन में मुख्य अतिथि रहे मुफ्ती साना उल होदा साहब, अपने बयान में कहा कि सरकार गूंगी, बहरी, नहीं है। तो इस कानून को जल्द से जल्द वापस लेना चाहिए।

आगे फरमाया के आसाम की लिस्ट में सेनापति सनाउल्लाह के घर वालों का नाम एन आर सी की लिस्ट में नहीं आया। इसी तरह फखरुद्दीन अली के घरवालों का नाम एनआरसी में नहीं आया। इसी तरह से एनआरसी में नहीं आने वालों में एक महिला जो आसाम की मुख्य मंत्री थी, उनका नाम एन आर सी की लिस्ट में नहीं आया।

आसाम का एनआरसी हमें एक सिख देता है, सिर्फ एक राज्य में एन आर सी में 1600 करोड़ रूपया खर्च हुआ, अगर पूरे देश में एनआरसी को लागू किया जाएगा तो कितना रुपया खर्च होगा। यह एन आर सी एक बहाना है, असल इसी बहाने घोटाला करना है। यह सभी रकम देश की उपलब्धि के लिए आता है। लोगों के टैक्स का रुपया का सही मसरफ नहीं होगा, तो देश कैसे तरक्की करेगा।

यह रकम राज्य के सड़क, शिक्षा,अस्पताल, पर खर्च करने के लिए आता है।इसको बर्बाद किया जा रहा है। उससे कुछ हासिल नहीं हुआ, सिर्फ एक राज्य में 16 सौ करोड़ रूपया खर्च हुआ, अगर पूरे देश में एनआरसी के लिए खर्च को जोड़ा जाए, तो बहुत बड़ी रकम लगेगी।

और कुछ हासिल नहीं होगा। सिवाय धर्म और जात- पात की लड़ाई होने के। असल यह कानून सिटीजन एक्ट नहीं है, बल्कि सिटीजन अटैक एक्ट है।

यानी भारत की नागरिकता पाने वाले पर हमला करने वाला कानून। और इसी तरह से धर्म और जाति के नाम पर हमला किया जा रहा है।

मोदी के बारे में फरमाया इस एक्ट के तहत बुधिस्ट को भी नागरिकता दी जाएगी, मगर ऐसा नहीं है, बौद्धिस्ट तो तिब्बत से आए हैं,तो उनको कहा जाएगा,तिब्बत से आने वालों को नहीं मिलेगा नागरिकता, यह कानून सब के सब गरीबों को भगाने की तैयारी है।

इस मौके पर बहुत सारे प्रवक्ताओं ने बातें कि इस मंच के संचालक मौलाना जावेद इकबाल इमाम जामा मस्जिद आढा, और इसकी मंच की अध्यक्षता कर रहे मोहम्मद शाहनवाज मलिक थे। इस मंच से संबोधित करने वाले प्रवक्ता, कारी शोयब साहब, मौलाना नसीर, मौलाना निज़ामुद्दीन साहब, हाफ़िज़ इरशाद साहब, और भी बहुत सारे प्रवक्ताओं ने एनआरसी और सीएए, के विरुद्ध विस्तार रूप से बातें की।

इस मौके पर दिन्नगर, चंद्रदीप, जखड़ा, आदी से हजारों हजार की संख्या में लोग आए। और उन सब के खाने का प्रबंध 22 जनवरी से आज तक किया जा रहा है। सारा इंतजाम शाहीन बाग की अपनी टीम के निगरानी मे हो रही है। इस टीम के संचालक मुफ्ती अब्दुल्लाह जहीर हैं।इनके सहयोगी नवाब मलिक,शाहनवाज मलिक, कदम से कदम मिलाकर साथ दे रहे हैं।