बिहार मुख्य खबर राजनीती राज्य राष्ट्रिय

राजद के नये संगठनात्मक मोहरे से सारे दलों में बेचैनी : संगठन में आरक्षण देने वाली पहली पार्टी बनी राजद

सीमांचल के जिलों में नए वोट बैंक स्थापित होने के बढ़े आसार

फोटो – अररिया के नवमनोनित राजद जिलाध्यक्ष सुरेश पासवान, पूर्णिया जिला राजद जिलाध्यक्ष मिथिलेश कुमार दास, किशनगंज राजद के नवमनोनित जिलाध्यक्ष सरबर आलम तेजस्वी यादव से प्रमाण पत्र हासिल करते

सीमांचल से अशोक /विशाल की रिपोर्ट ।

सीमांचल के जिलों में जितनी ज्यादा राजनीतिक सरगर्मियां एनआरसी विरोधी आन्दोलनों की बढ़ती जा रही रफ़्तार को लेकर है ,उतनी ही राजनीतिक सरगर्मियां आने वाले बिहार विधानसभा के चुनाव को लेकर भी है ।


बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ही सत्तारूढ़ दल जदयू के बूथ अध्यक्षों-सचिवों के सम्मेलनों के दौर शुरू हैं तो दूसरी ओर भाजपा और कांग्रेस में बयानबाजी की उठापटक।

लेकिन , इन सबों से परे राजद ने जो संगठनात्मक चाल चले हैं तो उससे सारे राजनीतिक दलों की जमीनें हिल उठीं हैं और बिहार विधानसभा चुनाव के आलोक में देश भर में अचानक एकमात्र राजद ही एक ऐसी पार्टी के रूप में उभरी है , जिसने चुनाव से पहले अपने संगठन में आरक्षण की व्यवस्था लागू करने का पहला कदम उठाया है ।

यूं तो राजद के संगठन में आरक्षण के आधार पर नवमनोनित जिला अध्यक्ष व प्रधान सचिव को लेकर पार्टी के पुराने नेताओं व जिला अध्यक्षों में भूचाल की स्थिति उत्पन्न हो गई है लेकिन , जब ऐसे तमाम नेताओं व जिलाध्यक्षों को प्रोन्नति देकर प्रदेश की कमिटी में समायोजित करने की खबर सामने आई तो पार्टी के अन्दर मची भूचाल में स्थिरता आने लगीं हैं।

राजद के इस नयी राजनीतिक पैटर्न से सीमांचल पूर्णिया प्रमण्डल का क्षेत्र भी अछूता नहीं रह पाया है।

तेजस्वी यादव और जगतानन्द सिंह के नेतृत्व वाली राजद की टीम ने सीमांचल के जिलों में भी राजद की नैया के खेवनहार जिलाध्यक्षों व प्रधान सचिवों का आरक्षण के आधार पर मनोनयन करके राजद को जीवन्त बनाने का प्रयास किया है।

पूर्णिया में राजद के जिलाध्यक्ष पद पर जदयू से विमुख हो कर आये अति पिछड़े वर्ग के जुझारू नेता मिथिलेश कुमार दास सुशोभित किये गए हैं।

वहीं अररिया में एस सी एस टी कोटा के तहत सुरेश पासवान की ताजपोशी बतौर राजद जिलाध्यक्ष की गई है।

कटिहार में राजद के जिलाध्यक्ष के रूप में अब्दुल गनी मनोनीत किये गए हैं तो किशनगंज में भी उभरते राजद नेता सह किशनगंज जिलापरिषद की अध्यक्ष फ़रहत फातिमा के पति व किशनगंज जिला राजद अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के पूर्व जिलाध्यक्ष मोहम्मद सरबर आलम को राजद के किशनगंज जिलाध्यक्ष पद पर तैनात किया गया है।

इस क्रम में पूर्व से पार्टी के नेतृत्व में लगे तमाम नेताओं को प्रोन्नति देकर प्रदेश की कमिटियों में समायोजित करने के भी फरमान जारी किए गए हैं तो राजद सीमांचलवासियों के बीच एक बार फिर से कौतूहल का केन्द्र बन गया है।

अररिया के दिग्गज राजद नेता और नामीगिरामी अधिवक्ता के.एन. विश्वास के अनुसार , पार्टी की इस नयी नीति से पार्टी अब सारे वर्गों में लोकप्रिय होगी क्योंकि राजद ने ही पहली बार संगठन में सभी प्रकार के वर्गों के लिए आरक्षण की व्यवस्था लागू करने का आकर्षक काम किया है।

अररिया के जोकीहाट क्षेत्र के राजद विधायक शाहनवाज आलम ने भी पार्टी की नई संगठनात्मक व्यवस्था की सराहना की है और कहा है कि अब पचपनिया वर्ग के वोट बैंक भी राजद की धरोहर हो जाएंगे।

किशनगंज के जानेमाने बुजुर्ग राजद नेता भाई उस्मान गनी ने भी राजद की नई संगठनात्मक व्यवस्था को आकर्षक बताया है और कहा है कि माय समीकरण वाली पुरानी परम्परा के कारण जो पचपनिया वोट बैंक राजद के हाथों से फिसलते आ रहे थे वह अब राजद की ओर आकर्षित होंगे और एनडीए गठबंधन की चूलें हिलानें में पार्टी को कामयाबी हासिल होगी।

भाई उस्मान गनी ने सरबर आलम जैसे नवमनोनित राजद जिलाध्यक्ष के प्रति विश्वास प्रकट किया है कि वे किशनगंज संसदीय क्षेत्र के सभी विधानसभा क्षेत्र में पार्टी को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

यहां पर यह भी उल्लेखनीय है कि राजद की तेजस्वी यादव और जगतानन्द की टीम ने एक चौंकाउं काम यह किये हैं कि किशनगंज के मरहूम कांग्रेस सांसद मौलाना असरारुल हक कासिमी के सुपुत्र सऊब आलम को कांग्रेस से विमुख कराकर राजद की नवमनोनित कमिटी में किशनगंज जिले का प्रधान महासचिव पद प्रदान किया है।

जाहिर सी बात है कि राजद के वोट बैंक में सुरजापुरी मुस्लिम समुदाय के वोटों का भी आकर्षण बढ़ेगा।

पूर्णिया जिले में अभी तक राजद की एकमात्र पहचान यादव मुस्लिम की पार्टी के रूप में स्थापित रही थी लेकिन अब नयी पहचान बनी है और अतिपिछड़ा वर्ग के मिथिलेश कुमार दास राजद के नये जिलाध्यक्ष के रूप में मनोनीत होकर जो आये हैं तो भाजपा की ओर सरकने वाले पचपनिया वोटों का भी राजद को आसरा हो गया है।

राजद के पुराने नेता कमल किशोर यादव और अभय कुमार सिन्हा उर्फ बंटी के अनुसार , राजद की नई संगठनात्मक शैली से अब सारे दलों की धड़कनें तेज हो गई हैं कि आने वाले विधानसभा चुनाव में कहीं राजद ही न छक्का मारने में कामयाबी हासिल कर ले।