मुफ़्ती इनायतुल्लाह
बिहार मुख्य खबर राजनीती राज्य राष्ट्रिय

जालिम और जाबिर सरकार के सामने आवाज बुलंद करना एक जिहाद है – मुफ्ती इनायतुल्लाह

नवादा से मोहम्मद जहांगीर/ मोहम्मद साजिद की रिपोर्ट।

नवादा में 12 जनवरी से लगातार अनिश्चितकालीन अनशन में आज जुम्मा की नमाज के बाद बुंदेला बाग, नवादा में मोहम्मद जहांगीर आलम का भाषण हुआ। अध्यक्ष तंजीम ऑल उल्मा हक ने केंद्र सरकार के लाए, संविधान में हस्तक्षेप कानून से आज पूरा देश सरापा, प्रदर्शन बना हुआ है।

हर जिला में शाहीन बाग बन गया है। हर जगह संविधान में संशोधन पर अफरा-तफरी माहौल देखने को मिल रहा है। महिलाएं अपने सारे कामकाज को छोड़कर अपने नन्हे बच्चे के साथ कड़ाके, की ठंड में खुले आसमान के नीचे दिन और रात बैठी हुई हैं। इन तमाम बहादुर महिलाओं के जज्बे को सलाम पेश करते हैं। सारा देश इनको सलाम करता है।

अल्लाह उन सब माओं को सब्र अता फरमाए। और इस प्रदर्शन में खो दिया हुआ बच्चे की मां को सब्र दे। आगे बताते चलें कि मंजिल करीब आ गई है जुल्म व सितम का दम टूटने वाला है। जो कल गृहमंत्री सत्ता के नशे में चूर होकर बयान दे रहे थे। कि मैं डंके की चोट पर कहता हूं। कि 1 इंच भी पीछे नहीं हटूंगा, प्रदर्शन का नतीजा देखो वही घमंडी गृहमंत्री शाह ने कहा कि फिलहाल सी ए ए लाने का कोई इरादा नहीं है।

अब हमारी लड़ाई फैसला के करीब पहुंच गई है। इसलिए हम लोग निर्ममता पूर्वक होशो हवास के साथ प्रदर्शन को जारी रखें, किसी के बहकावे में ना आएं। हमारा प्रदर्शन उस वक़्त तक है,जबतक मोदी सरकार इस काले कानून को वापस नहीं ले लेती।

सरकार को सकेत करते हुए कहा कि मुल्क में इंसाफ का दोहरा फैसला ना चलाए, अगर शरजील इमाम, डॉक्टर कफील खान, के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। तो फिर शाहीन बाग और जामिया नगर में भगवा पसंद लोगों पर जो फायरिंग किया। उनके विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं?

आखिर इसके पीछे किसका हाथ है। मोदी सरकार अपने नेताओं को बेलगाम क्यों छोड़ रखी है। देश का प्रधानमंत्री इतना कमजोर क्यों है। लोकतंत्र में इंसाफ पर यकीन रखने वालों की आवाज क्यों दबाई जाती है। कुछ दिनों पहले डॉ कन्हैया कुमार और उनके काफिले पर हमला क्यों हुआ। इससे पता चलता है। कि सरकार बुरी तरह घबरा गई है।

इसी घबराहट में इस तरह का हमला करवाया जा रहा है। मगर याद रखना तुम्हारी सारी तदबीर उल्टी साबित होगी। मुफ्ती अनायतुल्लाह कासमी कार्यालय संचालक मजलिस उल्मा ने अपने खिताब में कहा कि बिहार सरकार से, जिस तरह देश के कई राज्य के मंत्री ने विधानसभा में इस काले कानून के खिलाफ एक राय होकर इसे पास किया। उसी तरह नीतीश सरकार फौरी तौर पर इस काले कानून के खिलाफ बिहार में भी पूर्व की बातों पर प्रकाश डालते हुए।

जनगणना का काम करवाए नए एनपीआर को पहले जैसा करें। नितीश सरकार हकीकत में अल्पसंख्यकों के हमदर्द हैं, तो यह काम जितना जल्द से जल्द करलें। वरना आने वाले इलेक्शन में बिहार की जनता उन्हें धूल चटा देगी।

इसी तरह तारीक बाबा कांग्रेस नेता, और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता श्री अर्जुन जी, ने कहा कि सीएए, एनआरसी और एनपीआर जैसे काला कानून भारत की ऐतिहासिक गंगा जमुनी तहजीब को विभाजित कर देगी। इसे हिंदू मुस्लिम की लड़ाई बनाना चाहती है।

जैसे यहां की आवाम और उसके फरेब को अच्छी तरह जान चुकी है। और देश के संविधान को बचाने के लिए अपनी जानो को निछावर कर देगी। लेकिन संविधान में संशोधन नहीं करने देगी। यह बुंदेला बाग 8 लोगों की टीम पर कमेटी बनाई गई है। जिसके संचालक नदीम हयात और तारीक बाबा और उनके छह सहयोगी हैं। इस मौके पर सैकड़ों की तादाद में महिलाएं और बच्चे युवा और पुरुष मौजूद थे।