कोरिया से CAA-NRC-NPR के खिलाफ इंकलाब ज़िंदाबाद

आज 5 जनवरी 2020 को दक्षिण  कोरिया में रहने वाले भारत के धर्मनिरपेक्ष एवं प्रगतिशील लोगों ने CAA, NRC, NPR और मोदी सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. हमारा यह मानना है कि इस एक्ट को लाने की कोई आवश्यकता नहीं थी और इस एक्ट को लाने के पीछे सरकार की सिर्फ़ एक मनसा थी वो है वह सांप्रदायिक उन्माद फैलाना, जिसका एक स्वर में सभी प्रदर्शनकारियों ने खंडन किया.

फोटो – कोरिया में CAA-NRC-NPR के विरोध में प्रदर्शन

आयोजक : किसलय कुमार, राजेश कुमार, तुफैल अहमद

इस प्रदर्शन में तक़रीबन 60 प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए जो कि अलग अलग धर्म, जाति, भाषा और प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे थे एवं भारत की विविधता में एकता को प्रदर्शित कर रहे थे.

प्रदर्शन की शुरुआत कुछ लोगों के भाषण से हुई एवं राष्ट्रगान भी प्रदर्शन में गाया गया तथा विभिन्न बैनरों के साथ भारत का झंडा लहराते हुए कुछ प्रदर्शनकारी वहाँ खड़े थे. उसके बाद प्रदर्शन का मेमोरेंडम पढ़ा गया.

प्रदर्शन में पाकिस्तान के ननकाना साहिब गुरुद्वारे में हुए हमले में घायल एवं मृत व्यक्तियों के लिए एक मिनट का मौन भी रखा गया. उसके बाद अलग अलग तरह के नारे लगाए गए एवं दक्षिण कोरिया के सिविल सोसाइटी के कुछ कोरियाई लोगों ने भी अपना भाषण दिया. कई विदेशीयों ने भी इस प्रदर्शन का  समर्थन किया.

सभी प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में इस बात को माना कि ये एक्ट धर्म के आधार पर लोगों को बाँटता है एवं भारत के संविधान एवं लोकतंत्र को कमज़ोर करने का काम करता है तथा भारत के धर्मनिरपेक्ष छवि पे एक सवालिया निशान खड़ा करता है. प्रदर्शनकारियों का यही मानना था कि यह प्रदर्शन तब तक चलता रहेगा जब तक कि इस एक्ट को सरकार पूरे तरीक़े से वापस नहीं ले लेती.