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उर्दू भाषी छात्र एवं छात्राओं के बीच भाषण प्रतियोगिता का जिला पदाधिकारी ने किया आगाज ।

नालंदा: बिहारशरीफ उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय बिहार के योजना अंतर्गत जिला उर्दू भाषा कोषांग द्वारा  हरदेव भवन सभागार में उर्दू भाषी छात्र एवं छात्रा प्रोत्साहन भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
उर्दू भाषी छात्र एवं छात्राओं के बीच भाषण प्रतियोगिता का जिला पदाधिकारी ने किया आगाज ।
फोटो – उर्दू भाषी छात्र एवं छात्राओं के बीच भाषण प्रतियोगिता करते जिला पदाधिकारी
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पदाधिकारी योगेंद्र सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर किया।
उर्दू भाषी छात्र एवं छात्राओं के बीच भाषण प्रतियोगिता का जिला पदाधिकारी ने किया आगाज ।

नालंदा से मोहम्मद हमजा अस्थानवी की रिपोर्ट

इस अवसर पर अपने संबोधन में जिला पदाधिकारी ने कहा कि भाषा ज्ञान से अधिक व्यक्तित्व का सूचक है। बोलने या लिखने के क्रम में शब्दों का चयन किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व को परिलक्षित करती है। उन्होंने उर्दू के समृद्ध इतिहास तथा जीवन में भाषा के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को उर्दू भाषा को तरक्की का रास्ता बनाने का आह्वान किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की।

इस अवसर पर अपर समाहर्ता नौशाद अहमद  ने कहा कि उर्दू  किसी धर्म विशेष की भाषा नहीं है। हमें इस सोच से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने उर्दू भाषा के विकास में मुंशी प्रेमचंद एवं अन्य कई गैर मुस्लिम लेखकों द्वारा दिए गए योगदान की चर्चा एवं सराहना की।

इस प्रतियोगिता में मैट्रिक स्तर, इंटरमीडिएट स्तर एवं स्नातक स्तर पर अलग अलग प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं।

प्रतियोगिता में बेनाम गिलानी, आफताब हसन शम्स, शरफ आलम एवं गुफरान नजर निर्णायक की भूमिका में तथा तनवीर शाकित संचालक की भूमिका में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर कोषांग के नोडल पदाधिकारी वरीय उप समाहर्ता रंजीत कुमार भी उपस्थित थे।