असम और दिल्ली से NRC / CAA की आग पहुची सिमांचल -बिहार बंद रहा महासफल

NRC और CAB के मुद्दे पर मुसलमानों और विपक्षी दलों के विरोध आन्दोलन, असम से दिल्ली होते हुए बिहार के सीमांचल की जनता तक पहुच चुकी है ।

सीमांचल से (अशोक/विशाल) की रिपोर्ट ।

राजद के जोकीहाट विधायक शाहनवाज का दावा : सीमांचल में राजद का बंद होगा ऐतिहासिक

आज 19 दिसम्बर को वामपंथी दलों और पप्पू यादव की जाप सहित नवगठित समाजवादी जनता दल डेमोक्रेटिक पार्टी के आह्वान पर कैब और एनआरसी कानून के खिलाफ आयोजित बिहार बंद के क्रम में सम्पूर्ण सीमांचल में बंद का जोरदार असर देखने को मिला ।

एक ओर आज की वामपंथी बन्दी और दूसरी ओर आने वाले 21 दिसम्बर को होने वाली राजद के बिहार बंद की तैयारी :: अररिया में स्वर्गीय कद्दावर नेता तस्लीमुद्दीन के छोटे पुत्र और राजद के विधायक शाहनवाज आलम के नेतृत्व में राजद की 21 दिसम्बर वाली बिहार बन्द की तैयारी कुछ इसी तरह से की जा रही है।

किशनगंज की फोर लेन सड़क बन्द होने से दिनभर पश्चिम बंगाल , असम और बिहार का सड़क संपर्क भंग रहा ।

किशनगंज की फोर लेन सड़क बन्द की तस्वीर

पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में बिहार की नवगठित समाजवादी जनता दल डेमोक्रेटिक पार्टी के झंडे तले पूर्णिया में बन्द को कामयाब कराते जिलाध्यक्ष धीरेन्द्र यादव अपने नवगठित दल के कार्यकर्ताओं के साथ

वहीं , आगामी 21 दिसम्बर को राजद के बिहार बंद को सफल बनाने के लिए सीमांचल के दौरे पर राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी आ धमके हैं जो अररिया कटिहार , पूर्णिया और किशनगंज में बंद को सफल बनाने का मंत्र अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को देते हुए केन्द्र की भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को जमकर कोसे । साथ ही सीमांचल में राजद के बिहार बंद की सफलता के लिए कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम किये।

19 दिसंबर को नागरिकता कानून के विरोध में वाम दलों के द्वारा आहूत बिहार बंद का खुला समर्थन करते हुए बिहार में नवगठित समाजवादी जनता दल डेमोक्रेटिक पार्टी ने भी जनता के बीच अपनी राजनीतिक धमक दे दी है।

उत्तरप्रदेश वाली समाजवादी पार्टी का बिहार में अस्तित्व मिटाकर पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेन्द्र यादव ने पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान बिहार भर में फैले सपा के संगठन को सपा से विमुख कराकर अपने नेतृत्व में इस नई पार्टी का इज़ाद किया और एनआरसी व कैब को लेकर जारी हुई आंदोलनात्मक राजनीति में कूदते हुए अपनी इस नई पार्टी को बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहार की जनता के बीच पहचान स्थापित करने का प्रयास किया ।

नवगठित समाजवादी जनता दल डेमोक्रेटिक पार्टी के पूर्णिया जिलाध्यक्ष धीरेंद्र यादव के अनुसार उनकी यह पार्टी न केवल कैब और एनआरसी विरोधी राजनीतिक आन्दोलनों के  समर्थन में उतरी है , बल्कि , एनआरसी और कैब के खिलाफ जारी सभी राजनैतिक कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए अपनी ठोस भागीदारी निभाने को तत्पर है ।

पूर्णिया में इस दल के जिलाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री सह समाजवादी जनता दल डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र प्रसाद यादव के निर्देशानुसार , धर्म जाति लिंग भेद पर आधारित नागरिक संशोधन कानून के खिलाफ सीमांचल में उनकी पार्टी हर पल सक्रिय रहेगी ।

प्रदर्शनकारियो ने कहा की नागरिकता संशोधन कानून संविधान विरोधी है और केंद्र सरकार इसे देशवासियों पर जबरन थोप कर देश को अस्थिर बना रही है ताकि इस पर वह अपनी सियासी रोटियां सेक सके। नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी का मुद्दा उठाकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार मूल मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती है| देश में बेरोजगारी महंगाई किसानों की खुदकुशी बलात्कार और अपराध में बेतहाशा इजाफा हुआ है, अर्थव्यवस्था बद से बदतर है मंदी की मार से व्यवसाई परेशान हैं | लेकिन केंद्र सरकार इस पर ध्यान देने की बजाय नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी का मुद्दा उछाल कर लोगों का ध्यान भटकाने में लगी है|

अररिया में भी एनआरसी-कैब के विरोध में भारत बंद रहा सफल

सड़कों पर उमड़े हज़ारों लोग

अररिया  | एन आर सी – कैब के विरोध में अररिया बंद कराने हजारों लोग सड़कों पर उतरे गए।  वाम दलों के भारत बंद के आहवान का समर्थन एन आर सी – कैब विरोधी संयुक्त मोर्चा एवं तमाम विपक्षी दलों ने दिया।

इस बंद को आम जनों का समर्थन मिला और तमाम दुकानें बंद रहीं। जीरो माइल, बस स्टैंड, चांदनी चौक सहित कई जगह पर लोगों ने प्रदर्शन  करते हुए चांदनी चौक पर सभा आयोजित किया।।

आंदोलनकारियों ने चांदनी चौक पर हांडी में चाय बनाई।  ए आई वाई एफ के अभिषेक कुमार ने कहा कि रोजगार नहीं है इसलिए चाय  बना कर नौजवानों के बीच मोदी जी का संदेश फैला रहे हैं कि रोजगार नहीं तो चाय बेचो।

लोगों का कहना था कि बेरोजगारी चरम पर है , अशिक्षा, गरीबी , कुपोषण की मार लोग झेल रहे हैं। अर्थव्यवस्था की भी हालत खराब है। अपनी नाकामी तो छुपाने के लिए मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून लाया ताकि लोगों को धर्म के नाम पर बांट सके।

सी पी आई के डा. एस. आर. झा ने  एन आर सी और कैब को संविधान के खिलाफ बताया | उन्होंने कहा कि हम लोग अम्बेडकर, गांधी, आज़ाद , भगत सिंह , फुले, फातिमा, शेख, अशफाकउल्लाह खां, राम प्रसाद बिस्मिल के वारिस हैं और हम इस देश की धर्मनिरपेक्षता की रक्षा करेंगे | उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी  को लोग वोट अच्छे दिन लाने के लिए दिए थे लेकिन जब उनकी सरकार हर मोर्चे पर विफल हो गयी तो लोगों का ध्यान गरीबी, अशिक्षा, गिरती अर्थव्यवस्था से हटाने के लिए यह कानून लाई है।

बंद को सफल बनाने के लिए

सी पी आई के महेश कुमर, बबलू, ए वाई ए एफ के अभिषेक, सी पी एम के रामविनय, प्रमोद सिंह, माले से इंद्रनांद पासवान, अजय पासवान, जन जागरण शक्ति संगठन के रंजीत पासवान , शिवनारायण ,  एन. आर. सी-कैब विरोधी संयुक्त मोर्चा के जाहिद अनवर, कामायनी स्वामी, तौसीफ, इम्तियाज़ अली उर्फ लड्डू जी, मुशीर, कल्याणी, आदित्य राज, आशीष रंजन, सोहिनी, अनीश, सहित सैकड़ों लोग शामिल थे ।

जदयू विधायक नौशाद आलम के क्षेत्र ठाकुरगंज के पौआखाली में एनआरसी-कैब कानून के विरोध में उतरे लोग

ट्रेनों के रद्द होने का दंश भी झेल रहा है सीमांचल की जनता  

दूसरी ओर , कैब और एनआरसी के खिलाफ असम , बंगाल सहित बिहार के इस सीमांचल में जारी आंदोलन के मद्देनजर रेलों के परिचालन रद्द होने से पूर्वोत्तर के रेलयात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सीमांचल के कटिहार पूर्णिया से होकर सहरसा रूट से चलने वाली हाटे बाज़ार एक्सप्रेस भी गत बुधवार को रदद् रही । चितपुर एक्सप्रेस भी गत 16 दिसम्बर से ही रदद् रही।  रेलवे सूत्रों के अनुसार , कल तक इन ट्रेनों के परिचालन शुरू होने की संभावना है। वैसे , कटिहार-बरौनी रेलखंड पर असम और बंगाल से चलने वाली कई ट्रेनों की बन्दी का दंश सम्पूर्ण सीमांचल को साल रहा है ।